हाइवे पर ड्राइविंग का मजा होगा दोगुना! अब एक क्लिक पर मिलेगी पेट्रोल, फूड प्वाइंट और रूट की सारी जानकारी

हाइवे पर ड्राइविंग का मजा होगा दोगुना! अब एक क्लिक पर मिलेगी पेट्रोल, फूड प्वाइंट और रूट की सारी जानकारी

नेशनल हाईवे पर कोई भी काम करना अब पहले से कहीं आसान हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग प्रवेश (Rajmarg Pravesh) पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। अब हाईवे से जुड़ी मंजूरियां और अप्रूवल्स सिर्फ एक क्लिक में ऑनलाइन मिल सकेंगे।

सड़क यात्रा करने वालों और व्यवसायियों के लिए खुशखबरी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग प्रवेश (Rajmarg Pravesh) पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया है। अब नेशनल हाईवे पर पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट, रास्ता या अन्य जरूरी मंजूरी लेने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पोर्टल का उद्घाटन किया और बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान हो जाएगी।

किसके लिए है पोर्टल
यह पोर्टल उन सभी लोगों और संस्थाओं के लिए बनाया गया है, जिन्हें नेशनल हाईवे से जुड़े नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और अन्य अनुमतियों की जरूरत है। इसमें आम नागरिक, निजी कंपनियां और सरकारी विभाग शामिल हैं। चाहे आप हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप लगाना चाहते हों, फूड कोर्ट खोलना चाहते हों, या कनेक्टिंग रोड और रेस्ट एरिया बनाना चाहते हों, अब सारी प्रक्रियाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पूरी होंगी।

अब मंजूरी होगी एक क्लिक में
इस पोर्टल के जरिए टेलीकॉम कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, पानी और गैस पाइपलाइन ले जाने, बिजली लाइन स्थापित करने के लिए भी आवेदन कर सकेंगी। पहले इन सभी के लिए अलग-अलग विभागों में जाकर दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब आवेदक अपने एप्लीकेशन का स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं और तय समय में जवाब भी पा सकते हैं।

कारोबारियों और नागरिकों को मिलेगा फायदा

छोटे और बड़े व्यापारियों से लेकर राज्य सरकार के प्रोजेक्ट्स तक, सभी को इसका फायदा मिलेगा। हाईवे के किनारे सुविधाएं खोलने वाले छोटे व्यापारी, लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां अब तेजी से निवेश कर सकेंगी। इससे ना सिर्फ प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि बेमतलब की आवाजाही और समय की बर्बादी भी कम होगी।

पारदर्शिता और समय की बचत

मंत्रालय का कहना है कि पोर्टल से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। आवेदक देख पाएंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर है और कब तक मंजूरी की संभावना है। 1.45 लाख किलोमीटर से ज्यादा लंबा भारत का नेशनल हाईवे नेटवर्क अब केवल सड़क नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स, रिटेल, फ्यूल और हॉस्पिटैलिटी का बड़ा हब बनता जा रहा है।


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