NCERT किताब विवाद पर PM मोदी नाराज, बोले- 'बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा, इसका ध्यान रखना ही चाहिए'
NCERT किताब विवाद पर PM मोदी नाराज, बोले- 'बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा, इसका ध्यान रखना ही चाहिए'
सामाजिक विज्ञान की सभी किताबें जब्त करने का आदेश
न्यायालय ने पुस्तक की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करण को भी हटाने का आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ''उन्होंने आघात किया है। न्यायपालिका आहत हुई है।'' एक दिन पहले एनसीईआरटी ने सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में 'अनुचित सामग्री' के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि उपयुक्त प्राधिकारों से परामर्श करके इसे फिर से लिखा जाएगा। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं। पीठ ने एनसीईआरटी के निदेशक और विद्यालय शिक्षा विभाग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा उनसे यह बताने को कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों शुरू नहीं की जानी चाहिए। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा, "जो कुछ हुआ है उससे मैं बहुत दुखी हूं और खेद व्यक्त करता हूं। न्यायपालिका का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। जांच की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जैसे ही हमें जानकारी मिली, पाठ्यपुस्तकों का वितरण रोक दिया गया।''
विवादास्पद संदर्भों को लेकर सरकार बेहद नाराज
शिक्षा मंत्री ने जमशेदपुर में पत्रकारों से कहा, ''भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में न्यायपालिका सर्वोच्च है और हम उसका पूरा सम्मान करते हैं। हमने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा।'' एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में कहा गया है कि भ्रष्टाचार, काफी संख्या में मुकदमों का लंबित रहना और न्यायाधीशों की कमी न्यायिक प्रणाली के समक्ष पेश आने वाली चुनौतियों में शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट चेतावनी दिए जाने के बाद कि वह "धरती पर किसी को भी" न्यायपालिका की गरिमा को धूमिल करने नहीं देगा, एनसीईआरटी ने पाठ्यपुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया। वहीं सूत्रों के अनुसार, पाठ्यक्रम में विवादास्पद संदर्भों को लेकर सरकार बेहद नाराज है।