'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है' का नारा PoK में गूंजा, कई मौतों के बाद भी नहीं थमा आंदोलन
Edited by : Pratik Sahu
PoK में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई लोगों की मौत और तमाम घायलों के बावजूद 1.5 लाख से ज्यादा लोग आंदोलन में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी रावलकोट में जुटकर मुजफ्फराबाद मार्च की तैयारी कर रहे हैं।
'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है' का नारा गूंजा
प्रदर्शन के दौरान एक नारा लगातार सुनाई दे रहा है, 'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है।' यह नारा पहले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुनाई देता था, लेकिन अब PoK में भी गूंज रहा है। हजारों प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आंदोलनकारी नेता सरदार अमन खान ने कहा कि अस्पताल, रोजगार, रोटी और बुनियादी अधिकार मांगने वाली निहत्थी जनता को पाकिस्तान की सेना और इस्लामाबाद सरकार 'आतंकवादी' बता रही है।
सरदार अमन खान ने कहा, 'बलूचिस्तान के लोगों से पूछिए कि आतंकवादी कौन हैं, वे सेना की ओर इशारा करेंगे। खैबर पख्तूनख्वा के लोग भी यही कहेंगे। सिंध और पंजाब में भी ऐसी ही आवाजें उठ रही हैं और आज PoK के लोग भी खुलकर कह रहे हैं कि असली डर और आतंक उन लोगों से आता है जो वर्दी में हैं।'
कई शहरों में फैला आंदोलन, आजादी के समर्थन में लगे नारे
रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट, बाग, हट्टियां बाला, कोटली, मीरपुर, सुधनोती, धीरकोट, डडयाल और मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि 1.5 लाख से अधिक लोग विभिन्न मार्च और धरना-प्रदर्शनों में शामिल हैं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारी लकड़ी की लाठियां और बैनर लेकर कश्मीर की आजादी के समर्थन में नारे लगाते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकार विरोधी आंदोलन बनता जा रहा है।
रावलकोट में जुटेंगे प्रदर्शनकारी, बनाई जाएगी रणनीति
आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि PoK के विभिन्न हिस्सों से निकल रहे बड़े-बड़े काफिले मंगलवार रात तक रावलकोट पहुंच सकते हैं। उनका दावा है कि यह क्षेत्र में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सरकार विरोधी जमावड़ा होगा। आयोजकों के मुताबिक, रावलकोट में एकत्र होने के बाद प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर संयुक्त मार्च निकालेंगे। वहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बाद प्रशासन के सामने 38 मांगें रखी जाएंगी और उन्हें स्वीकार करने का दबाव बनाया जाएगा।
गोलीबारी में घायल हुए लोगों में से कई की हालत गंभीर
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक दिन पहले पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में गुस्सा और बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक कई दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। आंदोलनकारी इसे मानवीय संकट का रूप लेता मामला बता रहे हैं।
4 नेताओं पर 1 करोड़ का इनाम, देशद्रोह के मुकदमे दर्ज
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रशासन ने कार्रवाई और तेज कर दी है। अधिकारियों ने चार प्रमुख आंदोलनकारी नेताओं पर 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया है और उनके खिलाफ देशद्रोह के मामले दर्ज किए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं को 'भारतीय एजेंट' भी बताया है। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान में राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सेना की आलोचना करने वालों पर पहले भी ऐसे आरोप लगाए जाते रहे हैं।
