दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, 9 छात्र निष्कासित; इतने हजार का जुर्माना भी लगाया
दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, 9 छात्र निष्कासित; इतने हजार का जुर्माना भी लगाया
दून मेडिकल कॉलेज में एक रैगिंग मामले में दोषी स्टूडेंट्स पर कड़ी कार्रवाई की गई है। 9 छात्रों को कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है।
मामल में आरोप ये भी था कि जिन जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की गई, उनको बेल्टों से पीटा गया था। इस मामले पर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर गीता जैन ने कहा था, "एंटी-रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिसिप्लिन कमेटी ने छात्रों के बयान दर्ज किए हैं और कहा है कि कॉलेज में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया था कि अगर छात्रों पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी स्टूडेंट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कॉलेज से सस्पेंड करना भी शामिल हो सकता है।
रैंगिंग एक गंभीर अपराध
सुप्रीम कोर्ट, UGC और विभिन्न राज्य कानूनों के कारण रैगिंग को लेकर सजा का प्रावधान है और इसकी सजा काफी सख्त है। रैगिंग का आरोप सही पाए जाने पर दोषी को जेल और जुर्माना दोनों भुगतना पड़ सकता है। इसमें रैगिंग के प्रकार के हिसाब से कोर्ट द्वारा 2 साल तक की कैद से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक की सजा है।
इसके अलावा यूजीसी भी रैगिंग को लेकर काफी सख्त है और ऐसा होने पर आरोपी के स्थाई रूप से निष्कासन समेत जुर्माना लगाया जा सकता है।
