जनगणना 2027 को लेकर आया नया अपडेट, जानें पहले चरण में कितने परिवारों ने उठाया स्व-गणना का लाभ

 

जनगणना 2027 को लेकर आया नया अपडेट, जानें पहले चरण में कितने परिवारों ने उठाया स्व-गणना का लाभ


Edited by : Pratik Sahu


इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत- सेल्फ एन्युमरेशन जिसका मतलब है कि लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। इस बार ये जनगणना पूरी तरीके से गोपनीय है और RTI से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।


नई दिल्ली: देश में 1 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। पहले चरण के दौरान अब तक 5. 72 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना (सेल्फ एन्युमरेशन) सुविधा का लाभ उठाया है। भारत के महापंजीयक (RGI) ने यह जानकारी दी। महापंजीयक ने कहा कि यह जनगणना की डिजिटल पहल में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, ''ऑनलाइन अपनी जानकारी प्रदान करने का विकल्प चुनकर इन परिवारों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का एक तेज, स्मार्ट और अधिक सुविधाजनक तरीका अपनाया है।''

कैसे करें सेल्फ एन्युमरेशन? 

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत- सेल्फ एन्युमरेशन जिसका मतलब है कि लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। आपको अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने के लिए 15 दिनों का समय मिलेगा, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले होगा। इसके लिए आपको मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा और जानकारी भरने के बाद मिले सेल्फ एन्युमरेशन आईडी (SE ID) को बाद में आने वाले कर्मचारी (एन्युमरेटर) को दिखाना होगा।

जनगणना के इतिहास में पहली बार सेल्फ एन्युमरेशन

सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है जहां 16 अप्रैल से भौतिक मकान सूचीकरण और मकान की गणना (एचएलओ) शुरू होगी। राष्ट्रीय राजधानी के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट क्षेत्रों सहित 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक अप्रैल को जनगणना 2027 की शुरुआत हुई, जिसमें 15 दिनों की सेल्फ एन्युमरेशन अवधि रखी गई है जो जनगणना के इतिहास में पहली बार हो रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, लक्षद्वीप, मिजोरम और राष्ट्रीय राजधानी के एनडीएमसी एवं छावनी बोर्ड के क्षेत्रों के लिए स्व-गणना को लेकर विशेष रूप से विकसित पोर्टल खोला गया है, जहां नागरिक सूचीबद्ध प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं। 

स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना

बता दें कि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी। इस बार ये जनगणना पूरी तरीके से गोपनीय है और RTI से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मशीनरी इस जनगणना के प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी। गृहमंत्री की अगुवाई में ये जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिनके मंत्रालय से राज्य के चीफ सेकेट्री को निर्देश देंगे।


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