जनगणना का पहला चरण आज से शुरू, आपको क्या करना होगा? घर बैठे खुद कैसे भरें अपनी डिटेल्स? जानें सब कुछ
जनगणना का पहला चरण आज से शुरू, आपको क्या करना होगा? घर बैठे खुद कैसे भरें अपनी डिटेल्स? जानें सब कुछ
भारत अपनी पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना करने के लिए तैयार है, जिसका पहला चरण आज से शुरू हो रहा है। यह जनगणना कई मायनों में अलग और आधुनिक होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी।
महीने भर चलने वाली यह कवायद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों के अनुसार आज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण-'मकान सूचीकरण और आवास गणना' (एचएलओ) के दौरान पूछे जाने वाले 33 सवालों का एक सेट जारी किया है। यह जनगणना 2021 में होनी थी लेकिन कोविड के कारण हो नहीं सकी इसलिए अब यह जनगणना हो रही है। लगभग एक साल तक इसका काम चलेगा।
कैसे होगी इस बार की जनगणना?
- जनगणनाकर्मी भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), जनगणना मकान संख्या और फर्श, दीवारों और छत के निर्माण में प्रयुक्त मुख्य सामग्री जैसी जानकारी एकत्र करेंगे। वे मकान के उपयोग और स्थिति का भी रिकॉर्ड रखेंगे और उसे एक गृह संख्या आवंटित करेंगे।
- जनगणना अधिकारी घर में रहने वाले कुल लोगों की संख्या, घर के मुखिया का नाम और लिंग, मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य किसी श्रेणी से संबंधित है या नहीं, घर का मालिकाना हक, रहने के कमरों की संख्या और घर में विवाहित जोड़ों की संख्या के बारे में भी जानकारी जुटाएंगे।
- जनगणना अधिकारी पीने के पानी के मुख्य स्रोत और उपलब्धता, प्रकाश के स्रोत, शौचालय की सुविधा और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान और रसोई सुविधाओं की उपलब्धता, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन और खाना पकाने के मुख्य ईंधन सहित सुविधाओं और संपत्तियों के बारे में भी जानकारी एकत्र करेंगे।
- रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड और कार/जीप/वैन जैसी वस्तुओं के स्वामित्व से संबंधित डेटा, मुख्य रूप से उपभोग किए जाने वाले अनाज और जनगणना संबंधी संचार के लिए एक मोबाइल नंबर के साथ एकत्र किया जाएगा।
- नागरिक अपने संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गृह गणना शुरू होने से पहले 15 दिनों की अवधि के दौरान 16 भाषाओं में स्व-गणना के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी में, जहां गृह गणना 16 अप्रैल से 15 मई तक निर्धारित है, स्व-गणना 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी।
- स्व-गणना करने के लिए, परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर और अन्य बुनियादी विवरणों का उपयोग करके पंजीकरण कर सकता है, जिले का चयन कर सकता है, मानचित्र पर घर का स्थान चिह्नित कर सकता है और अपनी सुविधानुसार जानकारी जमा कर सकता है।
- 16 अंकों की एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी जनरेट की जाएगी, जिसे सत्यापन के लिए फील्ड विजिट के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा करना अनिवार्य होगा।
- नागरिक सत्यापन फील्ड विजिट के दौरान सुधार कर सकते हैं, इस विकल्प से काफी समय की बचत होगी। व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग अदालतों में या सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकता है।
कैसे करें सेल्फ एन्युमरेशन?
- सबसे पहले आप एसई पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाएं।
- यहां मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें और मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें।
- इसके बाद परिवार का विवरण भरें और जानकारी सबमिट करें।
- SE ID प्राप्त करें, एन्युमरेटर को SE ID दें।
स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना
बता दें कि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी। इस बार ये जनगणना पूरी तरीके से गोपनीय है और RTI से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मशीनरी इस जनगणना के प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी। गृहमंत्री की अगुवाई में ये जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिनके मंत्रालय से राज्य के चीफ सेकेट्री को निर्देश देंगे।
