'ये बिल महिला आरक्षण का नहीं, देश का राजनीतिक स्ट्रक्चर बदलने के लिए था', बोले राहुल गांधी
'ये बिल महिला आरक्षण का नहीं, देश का राजनीतिक स्ट्रक्चर बदलने के लिए था', बोले राहुल गांधी
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया। इसपर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और सपा सुप्रीम अखिलेश यादव का रिएक्शन पढ़िए।
नाकाम की राजनीतिक स्ट्रक्चर को बदलने की कोशिश- राहुल
राहुल गांधी ने कहा, 'हमने संविधान पर हुए इस हमले को फेल कर दिया है। हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक स्ट्रक्चर को बदलने का एक तरीका था।'
इस बिल का पास होना मुमकिन नहीं था- प्रियंका
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'सरकार ने जिस तरह से यह बिल पेश किया, उससे इसका पास होना असंभव था। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को परिसीमन और पिछली जनगणना से जोड़कर इस बिल को खारिज करा दिया। यह महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा है। हम परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़ने को कभी कबूल नहीं कर सकते। इस बिल का पास होना संभव ही नहीं था। यह भारत में लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है।'
प्रियंका गांधी का BJP पर पलटवार
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि हाथरस, उन्नाव और मणिपुर में कोई एक्शन ना लेने वाले लोग महिला-विरोधी मानसिकता की बात कर रहे हैं।
लगता है कोशिश में कुछ कमी रह गई- अखिलेश
साथ ही, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव बोले, 'हमने अपना रुख साफ कर दिया है। हम महिला रिजर्वेशन के पक्षधर हैं। फिर गाड़ी थमी रह गई, लगता है कोशिश में कोई कमी रह गई। समाजवादी पार्टी और विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया। लोकतंत्र में महिलाओं को जो स्थान मिलना चाहिए, हम उसके पक्ष में हैं। हमने विरोध नहीं किया लेकिन उसके साथ जो महिलाओं के अधिकार का हरण करना चाहते थे, ऐसे में लक्ष्मण रेखा जो विपक्ष ने खींची, उसे सरकार पार नहीं कर पाई।'
