'हम पहले से ही घायल हैं, हमें घातक मत बनाओ', जानें महिला आरक्षण के मुद्दे पर ऐसा क्यों बोले रेवंत रेड्डी

 

'हम पहले से ही घायल हैं, हमें घातक मत बनाओ', जानें महिला आरक्षण के मुद्दे पर ऐसा क्यों बोले रेवंत रेड्डी


Edited by : Pratik Sahu



तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने महिला आरक्षण बिल पर 'धुरंधर' मूवी के डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि 50% सीटों की बढ़ोतरी से उत्तर भारतीय राज्यों का वर्चस्व बढ़ेगा और दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सीटों के अनुपात को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने की वकालत की।


हैदराबाद/नई दिल्ली: महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को 'धुरंधर' मूवी के एक डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। रेवंत रेड्डी ने कहा कि 'हम पहले से ही घायल हैं, हमें घातक मत बनाओ।' दरअसल, दक्षिण भारतीय राज्यों को लगता है कि महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए अगर 50% सीटों की बढ़ोतरी की जाती है, तो इससे देश की राजनीति में उत्तर भारतीय राज्यों का वर्चस्व बढ़ जाएगा, जिसे वे दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय बता रहे हैं।

'...तो यह दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा'

दक्षिण भारतीय राज्यों के मुताबिक, देश में जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों की जनसंख्या वृद्धि दर उत्तर भारतीय राज्यों के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में अगर 50 फीसदी सीटें बढ़ाकर उत्तर भारतीय राज्यों का देश की राजनीति में वर्चस्व बढ़ता है, तो यह दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा। उनका यह भी कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन के चलते उन्हें अपनी जनसंख्या पर नियंत्रण रखने के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

'सीटों के अनुपात का फर्क उतना ही रहे जितना अभी है'

रेवंत रेड्डी ने कहा कि जहां एक तरफ दक्षिण भारतीय राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण पर काम किया है, वहीं देश के जीडीपी में उनका योगदान उत्तर भारतीय राज्यों से ज्यादा है। इसलिए उनके मुताबिक दक्षिण और उत्तर भारत के बीच सीटों के अनुपात का फर्क उतना ही रहना चाहिए जितना अभी है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि अभी उत्तर प्रदेश में 80 विधानसभा सीटें हैं, और 50 फीसदी सीटों के बढ़ने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 120 हो जाएगा, वहीं तमिलनाडु में अभी 40 सीटें हैं जो 50 फीसदी सीटें बढ़ने के बाद 60 हो जाएंगी। इस तरह उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बीच जो अभी 40 सीटों का अंतर है, वह बढ़कर 60 हो जाएगा।

'सोनिया ने की OBC महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग'

रेवंत रेड्डी का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सीटों का अंतर जितना अभी है, उतना ही रहे। बता दें कि इस तरह की बात करने वाले रेवंत रेड्डी अकेले ऐसे मुख्यमंत्री नहीं हैं। उनके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दक्षिण भारत के राज्यों के साथ इसे बड़ा अन्याय बताया था। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार  कोही महिला आरक्षण बिल को लेकर हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आरक्षण के भीतर आरक्षण के तहत ओबीसी समाज की महिलाओं के लिए भी आरक्षण होना चाहिए।

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