कौन कितना बड़ा क्रिमिनल! पंचायत चुनाव लड़ने वाले नेताओं को सार्वजनिक करनी होगी अपनी क्राइम कुंडली, गाइडलाइन जारी

 

कौन कितना बड़ा क्रिमिनल! पंचायत चुनाव लड़ने वाले नेताओं को सार्वजनिक करनी होगी अपनी क्राइम कुंडली, गाइडलाइन जारी


Edited by : Pratik Sahu


राज्य चुनाव आयोग की ओर से ये गाइडलाइन जारी की गई है। अब पंचायत का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपने अपराधों की लिस्ट को सार्वजनिक करना होगा। इसके बाद ही वह नामांकन भर सकेगा।


हरियाणा में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी नियम लागू किया गया है। राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission, Haryana) ने पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के आगामी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के तहत जिन उम्मीदवारों के खिलाफ कोई आपराधिक मामले लंबित हैं, उन्हें अपने नामांकन पत्र के साथ-साथ ऐसे मामलों का सार्वजनिक खुलासा करना अनिवार्य होगा। 

सार्वजनिक करनी होगी अपराध की जानकारी

अब चुनाव मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक रूप से बतानी होगी। इस फैसले का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और मतदाताओं को उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में स्पष्ट जानकारी देना है। 

राज्य चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश

नए नियम के तहत पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों को नामांकन भरते समय अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा। साथ ही, इन मामलों की जानकारी को सार्वजनिक मंचों और निर्धारित माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी होगा, ताकि मतदाता सही जानकारी के आधार पर अपना फैसला ले सकें। राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। 

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की होगी पहचान

यह व्यवस्था चुनावी पारदर्शिता को मजबूत करने और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पंचायत स्तर पर स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को बढ़ावा मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।

आने वाले पंचायत चुनाव में होगा लागू

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई उम्मीदवार अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाता है या गलत विवरण देता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले पंचायत चुनावों में इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।


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