होर्मुज पर अमेरिका की पहरेदारी! ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी से बढ़ा तनाव, अब आगे क्या होगा?
होर्मुज पर अमेरिका की पहरेदारी! ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी से बढ़ा तनाव, अब आगे क्या होगा?
Edited by : Pratik Sahu
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड आज से ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों के लिए समुद्री नाकाबंदी लागू करेगी। इससे एक बड़े टकराव की आशंका बढ़ गई है।
Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत फेल हो जाने के बाद अब एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की पहरेदारी का फैसला लिया है। अमेरिकी सेना ईरान पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेगी। यूनाइटेड स्टेस्ट सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों के के पास समुद्री नाकाबंदी (Maritime Blockade) लागू की जाएगी। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर उठाया जा रहा है। CENTCOM के मुताबिक समुद्री नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में तथा उनके आसपास काम करने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।
CENTCOM ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-"राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ET (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकेबंदी लागू करना शुरू कर देंगे।"
किन जहाजों की आवाजाही पर लगेगी रोक?
CENTCOM ने आगे कहा, "यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने या वहां से जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं। हमारी सेनाएं उन जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में कोई बाधा नहीं डालेंगी जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से वापस आ-जा रहे हैं।"
