Iran US Peace Talk: शांति वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद रवाना, क्या ईरान भी निभाएगा पाक से याराना?

 

Iran US Peace Talk: शांति वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद रवाना, क्या ईरान भी निभाएगा पाक से याराना?


Edited by : Pratik Sahu


Iran US Peace Talk: ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को लेकर इस्लामाबाद ने पलकर-पांवड़े बिछा दिए हैं। मगर ईरान का इस वार्ता में शामिल होने या न होने को लेकर अब तक कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए हैं।


Iran US Peace Talk: ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे करीबी उस सदस्य को युद्ध का हल निकालने और ईरान की “पूरी सभ्यता” को मिटा देने की चौंकाने वाली धमकी को टालने का जिम्मा सौंप दिया है, जो इस ईरान संघर्ष का सबसे अनिच्छुक समर्थक रहा है। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों के प्रति लंबे समय से संशयवादी रहे हैं और खुले संघर्षों में सैनिक भेजने की संभावना पर खुलकर बोलते रहे हैं। जेडी वेंस इस्लामाबाद में ईरान के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत का नेतृत्व करने शुक्रवार को रवाना हो चुके हैं। वहीं ईरान की तरफ से प्रतिनिधित्व को लेकर अभी तक कोई अपडेट नहीं दिया गया है। 

सीजफायर पहले से ही चल रहा कमजोर

युद्ध विराम पर वार्ता ऐसे वक्त में होने जा रही है, जब ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पहले ही कमजोर चल रहा है। इसकी वजह साफ है कि इजरायल लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह को निशाना बना रहा है और बदले में ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है। ईरान का कहना था कि समझौते में लेबनान भी शामिल था, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने लेबनान को समझौते में शामिल करने से इनकार कर दिया है। इससे सीजफायर पर आशंका के बादल पहले से ही मंडरा रहे हैं। ऐसे में ईरान से अमेरिका के साथ वार्ता में प्रतिनिधित्व के लिए कोई इस्लामाबाद पहुंचेगा या नहीं, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है। 

जेडी वेंस के साथ और कौन?

वेंस के साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर भी इस्लामाबाद जा रहे हैं। इन तीनों ने 28 फरवरी को ट्रंप और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने से पहले ईरानी वार्ताकारों के साथ अप्रत्यक्ष रूप से तीन दौर की बातचीत की थी, जिसमें तेहरान के परमाणु और बैलिस्टिक हथियार कार्यक्रम तथा मध्य पूर्व में सशस्त्र प्रॉक्सी गुटों को समर्थन देने जैसे मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की गई थी। व्हाइट हाउस ने बातचीत के स्वरूप के बारे में बहुत कम जानकारी दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह वार्ता प्रत्यक्ष होगी या अप्रत्यक्ष और बैठक से क्या अपेक्षाएं हैं? मगर वेंस का वार्ता के लिए जाना ईरानी सरकार के साथ अमेरिकी सरकार के उच्चस्तरीय संपर्क का दुर्लभ मौका है। 



पाकिस्तान रेड कारपेट बिछाकर कर रहा इंतजार

पाकिस्तान रेड कारपेट बिछाकर अमेरिका और ईरान का इंतजार कर रहा है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस शांति वार्ता में शामिल होंगे, लेकिन बैठक को लेकर आशंकाओं के बादल लगातार छाये हुए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक पोस्ट के माध्यम से शांति वार्ता में आने वाले पत्रकारों को वीजा प्रक्रिया आसान करने का ऐलान किया है। 

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