दिल्ली के नेहरू प्लेस में 2 युवतियों से छेड़छाड़, मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना में 7 लोगों के शामिल होने का आरोप है, जबकि पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि शुरू में पुलिस ने उनकी मदद नहीं की थी।
Edited by : Pratik Sahu
दिल्ली के नेहरू प्लेस में 2 युवतियों से छेड़छाड़, मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना में 7 लोगों के शामिल होने का आरोप है, जबकि पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि शुरू में पुलिस ने उनकी मदद नहीं की थी।
शुरुआत में पुलिस से मदद नहीं मिली'
लड़कियों का आरोप है कि युवकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है जिसमें कुछ आरोपी नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित युवतियों का कहना है कि इस वारदात में कुल 7 लोग शामिल थे, जबकि पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। युवतियों ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस से उन्हें मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट सेल में शिकायत दर्ज कराई जब जाकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
चारों आरोपियों से हो रही है पूछताछ
पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान मोहम्मद फहद, मोहम्मद शावेज, मोहम्मद आरिफ और अमन उर्फ मोहम्मद फहीम उर्फ काला के रूप में हुई है। मोहम्मद फहाद जाकिर नगर का रहने वाला है और एक निजी संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता है। मोहम्मद सवेज पहले क्लबों में बाउंसर का काम करता था और फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर है। मोहम्मद आरिफ नोएडा की एक मोबाइल दुकान में काम करता है, जबकि अमन उर्फ मोहम्मद फहीम उर्फ काला जामिया नगर इलाके का रहने वाला है।
पुलिस ने देरी के आरोपों से इनकार किया
पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर BNS की धारा 115(2) के तहत मारपीट कर चोट पहुंचाने, धारा 74 के तहत महिला के साथ हमला या आपराधिक बल प्रयोग, धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने, धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी देने, धारा 78 के तहत पीछा करने और धारा 3(5) के तहत समान मंशा के साथ अपराध करने के आरोप लगाए गए हैं।
