'कागजी शेर हैं अमेरिकी ठिकाने, खुद को भी नहीं बचा सकते', मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान
Edited by : Pratik Sahu
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ‘कागजी शेर’ बताते हुए उनकी क्षमता पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का दावा भी किया है।
फारस की खाड़ी हमारी पहचान’
एक अन्य पोस्ट में खामेनेई ने फारस की खाड़ी को सिर्फ पानी का क्षेत्र नहीं, बल्कि अपनी पहचान और सभ्यता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देशों को जोड़ने वाला और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम रास्ता है। पर्शियन गल्फ डे के मौके पर जारी संदेश में खामेनेई ने कहा कि आने वाले समय में खाड़ी क्षेत्र अमेरिका की मौजूदगी से मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों का आपसी भाग्य जुड़ा हुआ है और दूर बैठे विदेशी देशों को यहां दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'ईश्वर की कृपा से फारस की खाड़ी का भविष्य उज्ज्वल होगा, जहां अमेरिका नहीं होगा और यह क्षेत्र यहां के लोगों की तरक्की और खुशहाली के लिए काम करेगा।'
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा का दावा
खामेनेई ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी दावा करते हुए कहा कि उनका मुल्क किसी भी 'शत्रुतापूर्ण गतिविधि' का जवाब देगा। उन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि उनकी सैन्य मौजूदगी ने हमेशा इस क्षेत्र में अस्थिरता और संघर्ष को बढ़ावा दिया है। खामेनेई ने कहा कि हाल के घटनाक्रम से साफ है कि बाहरी शक्तियां यहां स्थिरता बनाए रखने में असमर्थ हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए नया प्रस्ताव भी भेजा है। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव को खारिज करने के संकेत दे चुके हैं।
