पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, शुभेंदु दोनों सीटों पर जीते, ममता को फिर हराया
Edited by : Pratik Sahu
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में भी ममता बनर्जी को हराया था, लेकिन टीएमसी को बहुमत मिला था। ऐसे में ममता उपचुनाव जीतकर सीएम बनी रहीं। इस बार उनका खेल खत्म हो गया।
फलता सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद मतदान रद्द कर दिया गया और सोमवार को 293 सीटों के नतीजे जारी हुए, जिनमें बहुमत 147 सीट था। बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। वहीं, टीएमसी महज 81 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस और हुमायूं कबीर की एजेयूपी को दो-दो सीटें मिली हैं। सीपीआईएम और एआईएसएफ को एक-एक सीटें मिली हैं।
ममता को झेलनी पड़ी एंटी इनकंबेंसी
पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान हुआ था। 23 अप्रैल को पहले चरण में 93 फीसदी वोटिंग हुई। यहीं से बदलाव के संकेत मिल गए थे। हालांकि, टीएमसी ने दावा किया कि एसआईआर के बाद लोगों ने वोट कटने के डर से मतदान किया है। वहीं, अमित शाह ने पहले चरण में शामिल 152 में से 110 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावा किया। दूसरे चरण में भी 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ तो बीजेपी के नेता जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए। पीएम मोदी ने एक चुनावी सभा के दौरान कहा कि अब वह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ में शामिल होने आएंगे। नतीजों के बाद उनकी बातें सही साबित हुईं।
शुरुआती टक्कर के बाद बीजेपी को बढ़त
सोमवार को सुबह आठ बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही थी। अगले दो घंटे तक यही सिलसिला चला, लेकिन बीजेपी के सीटें बढ़ने लगीं और पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई। इसके बाद लगातार बीजेपी की सीटें बढ़ती गईं और टीएमसी के उम्मीदवार चुनाव हारते गए। दिन खत्म होते-होते खुद ममता बनर्जी भी चुनाव हार गईं और टीएमसी की करारी हार हुई।
