पवन खेड़ा से असम पुलिस ने लगातार दूसरे दिन की पूछताछ, कांग्रेस नेता से क्या सवाल किए गए? दिया ये जवाब

 Edited by : Pratik Sahu


कांग्रेस नेता पवन खेड़ा गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गुवाहाटी में असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। यह पेशी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए मामलों के सिलसिले में हुई।


गुवाहाटीः कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से असम पुलिस ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ की। पुलिस के सवालों का जवाब देने के बाद गुवाहाटी में पवन खेड़ा ने मीडिया से कहा कि मुझसे वे सभी सवाल पूछे गए जो आमतौर पर किसी जांच के दौरान पूछे जाते हैं। मुझे अगली बार 25 मई को बुलाया गया है। मैं फिर आऊंगा, क्योंकि हर ज़िम्मेदार नागरिक को जांच में सहयोग करना चाहिए। 

पवन खेड़ा से जब पूछा गया कि क्या असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के बारे में अपने दावों पर वे अब भी कायम हैं, तो उन्होंने कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। मैं सिर्फ़ उन्हीं सवालों के जवाब दूंगा जो मुझसे जांच के दौरान पूछे जाएंगे। मैं किसी भी विस्तार में नहीं जाऊंगा।" 

क्राइम ब्रांच ने बुधवार को 10 घंटे की थी पूछताछ

इससे पहले बुधवार को पवन खेड़ा से 10 घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की गई थी। यह पूछताछ उन आरोपों के संबंध में थी जो उन्होंने सीएम की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में अघोषित संपत्तियां होने के बारे में लगाए थे। पुलिस ने उन्हें चल रही जांच के हिस्से के तौर पर गुरुवार को फिर से पेश होने के लिए कहा था। क्राइम ब्रांच के दफ़्तर में दाख़िल होने से पहले खेड़ा ने पत्रकारों से कहा, "मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं और आगे भी करुंगा।

क्या है पूरा मामला

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया था कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास 3 विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका में 50 हजार करोड़ की कंपनी है। इसके बाद  रिनिकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी में पवन खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। शिकायत के बाद असम पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर पहुंची थी। हालांकि खेड़ा घर पर नहीं मिले थे। खेड़ा ने सबसे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिसने उन्हें सात दिन की ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत दे दी थी।

बाद में असम पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांज़िट ज़मानत के आदेश पर रोक लगा दी और पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया। गुवाहाटी हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज किए जाने के बाद खेड़ा ने फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। जिसने बाद में उन्हें अग्रिम ज़मानत दे दी, साथ ही यह भी टिप्पणी की कि यह मामला राजनीतिक रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।

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