रिश्वत कांड में फंस गईं CGHS की एडिशनल डायरेक्टर, CBI ने निजी सहायक के साथ रंगे हाथ पकड़ा
Edited by : Pratik Sahu
CBI ने मेरठ में CGHS की एडिशनल डायरेक्टर और उनके निजी सहायक को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ट्रांसफर के बदले 80,000 रुपये मांगे गए थे। साथ ही, कुछ दिन पहले IRS अधिकारी विकास पाल पर भी सोने के सिक्कों की रिश्वत मांगने का मामला दर्ज हुआ।
सीबीआई ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये लेने पर सहमति जताई। इसके बाद निजी सहायक को एडिशनल डायरेक्टर की ओर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। सीबीआई ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है। बता दें कि हाल ही में CBI ने रिश्वतखोरी के एक दूसरे मामले में सीमा शुल्क विभाग के एक उपायुक्त के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि एक कारोबारी की आभूषण कंपनी के बैंक खाते ‘डीफ्रीज’ कराने के बदले 250 ग्राम सोने के सिक्कों की मांग की गई थी।
घटना के समय चेन्नई में तैनात थे IRS अधिकारी
CBI की प्राथमिकी में 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी विकास पाल का नाम शामिल है, जो उस समय चेन्नई में तैनात थे। फिलहाल वह केंद्रीय जीएसटी, नोएडा (अपील) में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उनके साथ इस मामले में उनके कथित सहयोगी मोहम्मद सबाहुद्दीन को भी आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई 2021 में आलय ज्वेल इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एस श्रीगंथ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विकास पाल ने अपने प्रतिनिधि सबाहुद्दीन के जरिए उनकी कंपनी के बैंक खातों को ‘डीफ्रीज’ कराने के बदले सोने के सिक्कों की मांग की।
