बंगाल में भाजपा ने TMC को कहां-कहां पछाड़ा? 2024 लोकसभा चुनाव के बाद कितनी बढ़त मिली, यहां समझें आंकड़ा
Edited by : Pratik Sahu
पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। नई सरकार के गठन की प्रकिया आज शुरू हो रही है। इस चुनाव में भाजपा की शानदार जीत हुई है और 15 सालों से बंगाल की सत्ता में काबिज टीएमसी की विदाई हो गई है।
भाजपा ने कहां दबदबा बनाया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के उत्तरी बंगाल और जंगलमहल क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। इसके साथ ही भाजपा ने दक्षिण बंगाल और प्रेसीडेंसी इलाकों में भी मजबूत पैठ बना ली, जिन्हें ममता बनर्जी की पार्टी TMC का गढ़ माना जाता है।
- उत्तर बंगाल (54 सीटें): भाजपा ने इस क्षेत्र में सत्ताधारी दल TMC को करारी मात दी है। भाजपा ने यहां 49.38 प्रतिशत वोट हासिल किए और 40 सीटें जीतीं। दूसरी ओर टीएमसी को 37.96 फीसदी वोट के साथ 14 सीटें मिलीं।
- जंगलमहल या दक्षिण पश्चिम बंगाल (40 सीटें): भाजपा ने इस क्षेत्र में करीब-करीब एकतरफा जीत दर्ज की और 38 सीटें और 51.75 फीसदी वोट अपने नाम किया। वहीं, तृणमूल को सिर्फ 39.78 फीसदी वोट के साथ 2 सीटें मिलीं।
- मध्य बंगाल (33 सीटें): भाजपा और टीएमसी दोनों ही दलों ने इस क्षेत्र में 14-14 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को 2-2 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने फरक्का और रानीनगर में जीत दर्ज की, वहीं AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने नाओदा और रेजिनगर से जीत हासिल की है। CPIM ने डोमकल सीट जीती। इन सभी पार्टियों ने मिलकर क्षेत्र में टीएमसी के वोट शेयर को काफी कम कर दिया। भाजपा को करीब 33% वोट मिले, जबकि टीएमसी 37.05% वोट शेयर के साथ बढ़त बनाने में कामयाब रही।
- दक्षिण बंगाल और प्रेसीडेंसी (166 सीटें): बंगाल के इस क्षेत्र में पहले टीएमसी का दबदबा था। हालांकि, इस चुनाव में यहां अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिले। भाजपा ने इस क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया और सभी को चौंका कर रख दिया। भाजपा ने ग्रेटर कोलकाता और प्रेसीडेंसी डिवीजन के कई चुनावी क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत की। पार्टी ने 45.79 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 115 सीटें जीतीं, जबकि टीएमसी ने 42.77 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 50 सीटें जीतीं।
कोलकाता में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर
कोलकाता क्षेत्र (11 सीटें): यह क्षेत्र दक्षिण बंगाल और प्रेसीडेंसी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, लेकिन इसका स्पेशल मेंशन इसलिए जरूरी है क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भबानीपुर में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों से हराया। भाजपा 2021 में इस क्षेत्र में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। हालांकि, भाजपा ने टीएमसी के गढ़ में सेंध लगाई और मानिकतला, राशबेहारी, जोरासांको, श्यामपुकुर, काशीपुर-बेलगाछिया और भबानीपुर सहित छह सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, टीएमसी ने कोलकाता पोर्ट, बालीगंज, चौरंगी, एंटाली और बेलेघाटा सीटें बरकरार रखीं। एक और चौंकाने वाली बात ये रही कि तृणमूल कांग्रेस, जो 2011 से पश्चिम बंगाल में सत्ता में है, राज्य के नौ जिलों में अपना खाता खोलने में विफल रही, जिनमें अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, दार्जिलिंग, पूर्वी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिम बर्धमान शामिल हैं।
29 लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा आगे रही
इंडिया टीवी की ओर से पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए किए गए विश्लेषण से कुछ चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, जब हर विधानसभा क्षेत्र में प्राप्त वोटों को एक साथ जोड़ा जाए तो भाजपा बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 29 सीटों पर आगे है। पश्चिम बंगाल में, प्रत्येक लोकसभा सीट के अंतर्गत में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। राज्य की 13 लोकसभा सीटों पर टीएमसी भाजपा से आगे है।
आपको बता दें कि भाजपा ने साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में 12 सीटें हासिल की थीं। इनमें अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, रायगंज, बालुरघाट, मालदा उत्तर, राणाघाट, बोंगांव, तामलुक, कांथी, पुरुलिया और बिष्णुपुर शामिल हैं। इंडिया टीवी के आकलन के मुताबिक, मालदा उत्तर को छोड़कर इन सभी सीटों पर भाजपा, टीएमसी से आगे है। भाजपा के पास अलीपुरद्वार में 3,00,364, जलपाईगुड़ी में 3,28,126, दार्जिलिंग में 1,98,124, रायगंज में 15,432, बालुरघाट में 85,416, राणाघाट में 3,38,422, बोनगांव में 2,01,613, कांथी में 1,61,355, पुरुलिया में 2,29,619 और बिष्णुपुर में 1,60,031, तामलुक में 1,84,441 वोटों की बढ़त है। वहीं, मालदा उत्तर में टीएमसी बीजेपी से 38,976 वोटों से आगे चल रही है।
भारतीय जनता पार्टी को बंगाल में कम से कम 18 और लोकसभा सीटों के मिलने का अनुमान है, जिनमें कूच बिहार (जो वह 2024 में मामूली अंतर से हार गई थी), मालदा दक्षिण, बैरकपुर, बारासात, हुगली, आरामबाग, घाटल, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, बांकुरा, बर्धमान पु्र्व, बर्धमान-दुर्गापुर, बोलपुर और बीरभूम शामिल हैं। पार्टी ने 2019 में केवल एक बार कूच बिहार, बैरकपुर, हुगली, झारग्राम, मेदिनीपुर, बांकुरा और बर्धमान-दुर्गापुर निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की और 2024 में सभी हार गई। भाजपा ने मालदा दक्षिण, बारासात, आरामबाग, घाटल, बर्धमान पुरबा, बोलपुर और बीरभूम में कभी जीत हासिल नहीं की है।
दम दम, कृष्णानगर और आसनसोल में भाजपा को बढ़त
भाजपा ने टीएमसी नेता सौगत रॉय की दम दम सीट (1,44,066 वोटों से आगे), महुआ मोइत्रा की कृष्णानगर सीट (99,336 वोटों से आगे) और शत्रुघ्न सिन्हा की आसनसोल सीट (1,32,372 वोटों से आगे) में भी काफी अहम बढ़त हासिल कर ली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दम दम सीट का महत्व इसलिए भी हो जाता है क्योंकि यह पश्चिम बंगाल की पहली लोकसभा सीट है जिसे भाजपा ने जीता था। 1998 में तपन सिकदर ने दम दम से जीत हासिल की थी, जब पार्टी टीएमसी के साथ गठबंधन में थी। उन्होंने 1999 में भी इस सीट पर जीत बरकरार रखी। भाजपा ने कृष्णानगर सीट आखिरी बार 1999 में जीती थी, जब सत्यब्रत मुखर्जी ने ममता बनर्जी के समर्थन से सीपीएम के दिलीप चक्रवर्ती को हराया था। इसके अलावा भाजपा ने पार्टी ने आसनसोल सीट 2014 और 2019 में दो बार जीती थी।
बहरामपुर में भी चौंकाने वाला परिणाम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा आश्चर्य बहरामपुर क्षेत्र में देखने को मिला। यहां भाजपा ने टीएमसी के खिलाफ 86,187 वोटों की लीड ली है। बता दें कि इस निर्वाचन क्षेत्र में बुरवान, कंडी, भरतपुर, रेजिनगर, बेलडांगा, बहरामपुर और नाओदा सहित सात विधानसभा सीटों पर भाजपा को कुल 5,12,273 वोट मिले। भाजपा ने बुरवान, कंडी, बेलडांगा और बहरामपुर में जीत हासिल की, जबकि टीएमसी सिर्फ भरतपुर में ही जीत पाई। हुमायूं कबीर ने नाओदा और रेजिनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल कर ली और टीएमसी की जीत की संभावनाओं को करारा झटका दिया।
दूसरी ओर कांग्रेस को बुरवान में 18,440 वोट (लगभग 10%), कंडी में 31,160 वोट (लगभग 16%) और बेलडांगा में 39,962 वोट (लगभग 17.48%) मिले, जिससे वोटों का बंटवारा हुआ और टीएमसी उम्मीदवारों की हार हुई। आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के मुखर आलोचक अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में 73,540 वोट (लगभग 33%) के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने इस सीट पर टीएमसी को तीसरे नंबर पर धकेल दिया जिससे भाजपा के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित हुई। वहीं, कंडी में AIMIM के उम्मीदवार को 22,976 वोट (लगभग 12%) मिले, वहीं बेलडांगा में AJUP के उम्मीदवार ने TMC की जीत की संभावनाओं को धूमिल कर दिया और 46,709 वोट (लगभग 20.43%) हासिल किए। कुल मिलाकर, TMC को इस निर्वाचन क्षेत्र में 4,26,086 वोट मिले,।
