भारतीय सेना को मिली बड़ी ताकत, 100 से ज्यादा घातक कामिकाजे ड्रोन डिलीवर, 450 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ और भी कई फीचर्स
Edited by : Pratik Sahu
भारतीय सेना को मिले घातक ड्रोन।भारतीय सेना को 100 ऑपरेशनल और 6 ट्रेनिंग "पीसकीपर (अग्निवेग)" जेट-आधारित कामिकाजे ड्रोन मिल गए हैं जिससे सेना की मारक क्षमता को बड़ा इजाफा हुआ है। आइए जानते हैं कि क्या है इस ड्रोन की खूबियां।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भारतीय रक्षा कंपनी SMPP ने सेना को 106 जेट-आधारित "पीसकीपर (अग्निवेग)" कामिकाजे ड्रोन सौंपने का काम पूरा कर लिया है। इसमें 100 ऑपरेशनल ड्रोन और 6 ट्रेनिंग सिस्टम शामिल हैं। इन ड्रोन की डिलीवरी के बाद भारतीय सेना की मारक क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिला है।
क्या है अग्निवेग ड्रोन की खूबियां?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, पीसकीपर (अग्निवेग) एक स्वदेशी रूप से तैयार किया गया ड्रोन है और इसकी मारक क्षमता 180 किलोमीटर तक की बताई जा रही है। ये कामिकाजे ड्रोन 450 किमी/घंटा तक की रफ्तार और 5 मीटर से कम CEP सटीकता के साथ दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम है।
इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और स्पूफिंग भी होगी नाकाम
आपको बता दें कि अग्निवेग एक स्वदेशी टर्बोजेट कामिकाज़े ड्रोन है, जो दुश्मन के इलाके में 180 किलोमीटर तक अंदर जाकर सटीक हमला करने में सक्षम है। इसकी सटीकता इतनी अधिक है कि परीक्षणों में इसका CEP 5 मीटर से भी कम रहा। साथ ही यह ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और स्पूफिंग जैसे आधुनिक युद्धक माहौल में भी प्रभावी ढंग से मिशन पूरा करने में सक्षम है।
CDS ने किया था स्वदेशी हथियार जिक्र
बीते महीने जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS का पद संभाला था। पद संभालने के ठीक बाद जनरल सुब्रमणि ने भी कहा था कि हम अपनी सेना में स्वदेशी हथियार सिस्टम के डेवलपमेंट, उनको सेना में शामिल करने और सेनाओं के एकीकरण की दिशा में में तेजी काम करेंगे। आपको बता दें कि जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को पाकिस्तान और चीन के मामलों के एक्सपर्ट के रूप में जाना जाता रहा है।
