मातोश्री में हलचल! बैठक में सिर्फ 4 सांसद पहुंचे, बाकी 5 वर्चुअल; उद्धव की पार्टी में भूचाल आने वाला है?

 Edited by : Pratik Sahu

uddhav thackeray- India TV Hindi

उद्धव ठाकरे


पश्चिम बंगाल में जिस तरह से TMC के सांसद टूटे हैं, उसने उद्धव ठाकरे की चिंता और बढ़ा दी है। यही वजह है कि मातोश्री में हलचल बढ़ गई है। सांसदों के बाद अब उद्धव ने आगामी विधानसभा सत्र को लेकर अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई है।


तृणमूल कांग्रेस में हुए विद्रोह के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना में टूट की अटकलें तेज हो गई है। महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा से माहौल गर्म है और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने लोकसभा सांसदों को बचाने में जुट गए हैं। वह डैमेज कन्ट्रोल में जुट गए हैं। उद्धव ने आगामी विधानसभा सत्र को लेकर अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 22 जून को विधानसभा सत्र के पहले दिन शिवालय में आयोजित होगी। इसमें सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और पार्टी की रणनीति तय की जाएगी।

उद्धव का साथ छोड़ देंगे सात सांसद?

साथ ही, हाल ही में चर्चा में रहे “ऑपरेशन टाइगर” की पृष्ठभूमि में भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खबर है कि उद्धव की पार्टी के 9 में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जा सकते हैं। उद्धव और आदित्य ठाकरे नाराज बताए जाने वाले सांसदों से सीधे बातचीत कर रहे हैं ताकि उनकी शिकायतों को दूर किया जा सके। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर संवाद शुरू किया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की ओर से सोमवार को बुलाई गई बैठक में 5 सांसदों के सीधा शामिल नहीं होने पर कयासों का बाजार गर्म है।

उद्धव की बैठक में कौन आया और कौन नहीं?

किसी सांसद से उद्धव बात कर रहे हैं तो किसी से आदित्य ठाकरे मान मनौव्वल कर रहे हैं। मकसद है अपनी पार्टी के सांसदों की शिकायतों को दूर करना क्योंकि जब से उद्धव ठाकरे की मीटिंग में सिर्फ चार सांसद पहुंचे तब से पूरा परिवार हिल गया है। जो सांसद इस बैठक में पहुंचे उनके नाम हैं-

  • अरविंद सावंत 
  • अनिल देसाई 
  • संजय दीना पाटिल 
  • और राजाभाऊ वाजे 

जबकि बाकी के पांच सांसद वर्चुअली इस मीटिंग में जुड़े थे, उन पांचों सासंदों के नाम हैं-

  • ओमप्रकाश राजे निंबालकर
  • भाऊसाहेब वाकचौरे  
  • नागेश पाटिल अष्टिकर  
  • संजय देशमुख और
  • संजय जाधव

'आज मेरा नहीं, लेकिन कल मेरा जरूर होगा'

सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक में कहा कि आज मेरा नहीं, लेकिन कल मेरा जरूर होगा। तब तक हमें सहना पड़ेगा, संघर्ष करना पड़ेगा। जिन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ी है, उन्हें एक दिन पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। इस बैठक में उद्धव ने 4 साल पहले हुई बगावत का भी जिक्र किया और दावा किया कि सारे सांसद पार्टी के साथ एकजुट हैं।

'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा से माहौल गर्म

दावा किया जा रहा है कि उद्धव की पार्टी तोड़ने के लिए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ऑपरेशन टाइगर चला रहे हैं। शिंदे ने ऑपरेशन टाइगर की कमान अपनी पार्टी के केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव और MLC कृपाल तुमाने को दी है। खबर है कि शिवसेना UBT के सांसद संजय देशमुख की मुलाकात दिल्ली में प्रताप जाधव से हो चुकी है। संजय देशमुख के साथ एक और सांसद नागेश अष्टिकर अप्रैल में भी प्रताप जाधव की डिनर में दिखे थे।

फुस्स हो चुका है ऑपरेशन टाइगर- संजय राउत

उद्धव ठाकरे की पार्टी इस ऑपरेशन का जवाब देने में जुटी है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, ऑपरेशन टाइगर फुस्स हो चुका है अब उद्धव की पार्टी ऑपरेशन wolf शुरू करेगी क्योंकि, उद्धव और उनके नेता बाघ हैं। बाघ का शिकार भेड़िया नहीं कर सकता।

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