कर्नाटक: क्रॉस वोटिंग ने बढ़ाई BJP और JDS की टेंशन, 5 सीटें जीतकर विधान परिषद में भी बहुमत में आई कांग्रेस
Edited by : Pratik Sahu

कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों को फर्स्ट प्रेफरेंस के कुल 151 वोट मिले। इससे साफ होता है कि बीजेपी और जेडीएस के कम से कम 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इससे दोनों पार्टियों की टेंशन बढ़ गई है।
गुप्त मतदान के जरिये इस प्रक्रिया को पूरा किया गया। इसीलिए दोनों पार्टियों को ये पता लगाने में थोड़ा वक्त लग जायेगा कि आखिर किसने क्रॉस वोटिंग की है। हालांकि, बीजेपी नेताओं को लगता है कि 2 निष्काषित विधायक एसटी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार के अलावा तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि जेडीएस के 18 में से 8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।
जेडीएस के चार विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
जेडीएस का कहना है कि 18 में से उनके उम्मीदवार गोविंद राजू को 14 वोट मिले। इसका मतलब ये है कि जेडीएस के सिर्फ 4 विधायकों ने ही क्रॉस वोटिंग की है। इन नतीजों ने जेडीएस और बीजेपी गठबंधन में अविश्वास को और भी बढ़ा दिया है। हालांकि, दोनों ही पार्टियों के नेता ये दावा कर रहे हैं कि पार्टी के भीतर मौजूद भितरघात करने वाले लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधान परिषद में भी बहुमत में आई कांग्रेस
बीजेपी की ओर से कांग्रेस के लिए हुई क्रॉस वोटिंग से पूर्व सीएम येदियुरप्पा के बेटे और प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के नेतृत्व कौशल पर भी सवाल उठने लाजिमी हैं। वहीं, सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद पार्टी को बड़ी जीत दिलाने का श्रेय सीएम डीके शिवकुमार को दिया जा रहा है। 5 विधान पार्षद की जीत सुनिश्चित करने के बाद 175 सदस्यों वाली विधान परिषद में भी कांग्रेस पार्टी बहुमत में आ गयी है, जिसके चलते अब क्रिटिकल बिल को पास करना कांग्रेस सरकार के लिए ओर भी आसान हो जाएगा।