ममता बनर्जी को लगा एक के बाद एक झटका, अब करीबी फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से दिया इस्तीफा
Edited by : Pratik Sahu
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक कई झटके लगे हैं। अब उनके करीबी नेता और पार्टी के विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।
2018 से मेयर थे फिरहाद हकीम
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी के करीबी नेता फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने जानकारी दी है कि ममता बनर्जी ने फिरहाद हकीम को पद छोड़ने की अनुमति दी थी। आपको बता दें कि फिरहाद हकीम की पहचान बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के एक प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में की जाती है। वह 2018 से ही कोलकाता के मेयर हैं। कोलकाता नगर निगम 2010 से TMC के कंट्रोल में है।
सरकार निगम को निष्क्रिय कर रही- कुणाल घोष
फिरहाद हकीम के इस्तीफे को लेकर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा- "कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने ममता बनर्जी से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी थी। वे सम्मानजनक तरीके से पद छोड़ना चाहते थे, क्योंकि राज्य सरकार निगम को निष्क्रिय कर रही है। अब तक ममता बनर्जी ने यह अनुमति नहीं दी थी। हालांकि, आज की प्रशासनिक बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि निगम वास्तव में निष्क्रिय हो चुका है। हमारी नेता ममता बनर्जी ने आज उन्हें इस्तीफा देने की अनुमति दे दी है, क्योंकि राज्य सरकार ने निगम को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया है।"
रिताब्रता बनर्जी के गुट को मिली मंजूरी
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी ने भी सोमवार को ममता बनर्जी को बड़ा झटका दे दिया। उन्होंने बताया है कि बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है। रिताब्रता बनर्जी ने बताया है कि तृणमूल के 58 बागी विधायकों ने उनको विधायक दल के नेता के रूप समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विधायकों का स्पष्ट बहुमत अब उनके साथ है और यही गुट विधानसभा में में वैध विपक्ष का प्रतिनिधित्व करता है। रिताब्रता बनर्जी ने ये भी दावा किया है कि दो अन्य विधायक भी उनके खेमे में शामिल हो सकते हैं।
