लखनऊ के चौराहों पर लगे पोस्टरों से मचा सियासी घमासान, अखिलेश यादव पर लगाए गए गंभीर आरोप
Edited by : Pratik Sahu

राजधानी लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उन पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
सोमवार सुबह जब लोगों की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। पोस्टरों में सीधे तौर पर सपा के चुनाव चिह्न और पार्टी नेतृत्व को निशाना बनाया गया है। साथ ही सपा सरकार के दौरान कथित तौर पर यादव अधिकारियों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन पोस्टर्स में लिखा है - लाल टोपी साइकिल निशान, यादववाद इनकी पहचान। अंधेरनगरी अखिलेश राजा, यादववाद से सारी नौकरी खाजा। फिलहाल इन पोस्टरों को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभी तक ये भी साफ नहीं हो पाया है कि इन्हें लगाने के पीछे कौन लोग या संगठन शामिल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी विवादों में रही है पोस्टर पॉलिटिक्स
यह पहला मौका नहीं है जब अखिलेश यादव और सपा को लेकर इस तरह के पोस्टर लगाए गए हों। इससे पहले मई महीने में शाहजहांपुर में भी सपा प्रमुख को निशाना बनाते हुए कई बड़े होर्डिंग लगाए गए थे। उन पोस्टरों में उन्हें महिला विरोधी बताया गया था और उन पर तीखी टिप्पणियां की गई थीं। उस समय मामला सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों को हटाकर फाड़ दिया था। वहीं अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी को ही महिला विरोधी करार दिया था। विवाद बढ़ने पर जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश भी दिए थे। इस घटना के एक महीने बाद एक बार फिर इसी तरह के होर्डिंग्स और पोस्टरों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है।