'क्या गारंटी है कि नीट री-एग्जाम का पेपर लीक नहीं होगा?', दिग्विजय सिंह और रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों से पूछे सख्त सवाल
Edited by : Pratik Sahu
NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले पर सोमवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक हुई। सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में NTA चैयरमैन और हायर एजुकेशन सेक्रेटरी से सख्त सवाल पूछे गए हैं।
बैठक में क्या पूछा गया?
सामने आई जानकारी के अनुसार, स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने NTA चैयरमैन और हायर एजुकेशन सेक्रेटरी दोनों ही अधिकारियों से पूछा कि "इसकी क्या गारंटी है कि 21 जून को होने वाला एग्जाम (नीट की परीक्षा) लीक नहीं होगा?" इस पर दोनों ने कहा कि "हमारी नजर में पहले जो भी खामियां आईं और जो बदलाव करने से सुधरेंगी, वो सारे कदम हमने उठाए हैं। दोबारा एग्जाम के लिए हमको 5 महीने का वक़्त लगता है, लेकिन हम 37 दिनों में ही करा रहे हैं।" इस पर दिग्विजय ने कहा कि "पहले भी एग्जाम लीक हुआ, तब भी आपने यही कहा था। 21 तारीख का एग्जाम लीक नहीं होगा इसकी गारंटी लेंगे?" इस पर रविशंकर प्रसाद ने भी अपनी बात रखी और पूछा कि "आप लोग कह रहे हैं कि लीक नहीं होगा तो क्या लिखित गारंटी देंगे आप दोनों?"
कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट पर भी सवाल
जानकारी के मुताबिक, स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह इसके साथ ही अगले साल कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट पर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि "आज के दौर में हैकिंग आम है, ऐसे में सीबीटी से लीक नहीं होगा ये कैसे तय करेंगे?" इस पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि "इसके लिए हमने एक विशेष कमेटी का गठन किया है, जो 3 महीने में रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट आने पर विस्तार से चर्चा कर पाएंगे।" इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि "सरकार अगर गंभीरता से इसकी मोनिटरिंग कर रही है, छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है तो अच्छी बात है, लेकिन आप लोगों को आगे करके वो सिर्फ टालमटोल करना चाह रही है, तो अंजाम आप लोगों को भुगतना होगा।"
बैठक के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा- "हमें विश्वास है कि चूंकि प्रधानमंत्री ने स्वयं इस मामले की जिम्मेदारी ली है, इसलिए इसे हर तरह से सफलतापूर्वक सुलझाया जाएगा।"
