संभल में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के दौरान मिले 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और आपत्तिजनक सामग्री, पुलिस ने जामिया कमेटी पर दर्ज की FIR
Edited by : Pratik Sahu
Sambhal Mosque Controversy: संभल की मस्जिद में ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ आपत्तिनजक सामग्री और 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
संभल के ASP कुलदीप सिंह ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने के दौरान 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और कुछ आपत्तिनजक सामग्री बरामद की गई है।
कसेरुआ गांव में अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान, कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। इस मामले में सुसंगत धाराओं में जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है: ASP कुलदीप सिंह
1200 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद जमींदोज
बता दें कि संभल के कसेरुआ गांव में करीब 1200 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को जमींदोज किया गया। इस दौरान, पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई। तहसीलदार कोर्ट से बेदखली आदेश के बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की।
कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर बनी थी मस्जिद
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की भूमि दर्ज है। जनवरी, 2026 में 7 लोगों के खिलाफ इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। मस्जिद के ध्वस्तीकरण से पहले ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता तैयारियां की थीं।
मस्जिद के बचे हुए हिस्से को भी किया गया ध्वस्त
गौरतलब है कि संभल के नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव में रविवार को भी बुलडोजर गरजता रहा। सरकारी जमीन पर बने निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने मस्जिद मुस्तफा कादरी के बचे हुए हिस्से को भी ध्वस्त कर दिया। शनिवार को शुरू हुई कार्रवाई के बाद आज दूसरे दिन प्रशासनिक टीम फिर मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से शेष ढांचे को गिराने का काम पूरा किया।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल रहा तैनात
अंदर और बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, जबकि पीएसी के जवान भी सुरक्षा मोर्चा संभाले रहे। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी करता रहा।
कसेरुआ में गिराई गई 55 फीट ऊंची मीनार
दरअसल, शनिवार को मस्जिद के अगले हिस्से, बाहरी ढांचे, पिलरों और करीब 55 फीट ऊंची मीनार को गिराया गया था। इसके बाद बची हुई संरचना को हटाने के लिए रविवार को फिर कार्रवाई शुरू की गई। कई घंटे चले अभियान के बाद विवादित निर्माण को लगभग पूरी तरह हटा दिया गया।
