"यूपी में पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे, डेट बताएं", राज्य निर्वाचन आयोग से HC ने सख्त लहजे में पूछा सवाल

 Edited by : Pratik Sahu 


इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि यूपी में पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे, इसकी तारीख कोर्ट को बताएं। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को भी निर्देश जारी किए हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख़्ती दिखाई है और कोर्ट ने चुनाव आयोग को साफ निर्देश दिया है कि वह अदालत को बताए कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव किस तारीख को कराए जाएंगे। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले पर भी सवाल पूछा है। राज्य निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवाल के अलावा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी समर्पित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट 10 जुलाई को पेश करने का निर्देश भी दिया।

ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी गई

उत्तर प्रदेश सरकार ने ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो सकेगा। प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है, तो ऐसे में लग नहीं रहा है कि इस साल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो पाएंगे, क्योंकि सरकार ने जिस आयोग का गठन किया है, उसका कार्यकाल ही छह महीने का है। प्रदेश में पंचायत चुनाव अब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद ही हो पाएंगे। 

हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया था 

प्रदेश के ग्राम प्रधानों के संगठन पिछले काफी समय से समय पर चुनाव कराने की मांग कर रहे थे और उसे लेकर वो लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार को ज्ञापन भेज रहे थे। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना ​​नोटिस जारी किया था। अदालत ने पंचायत चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की समय सीमा पर  सफाई मांगी थी। अगली सुनवाई से ठीक एक दिन पहले समर्पित ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई। आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया में भी समय लगेगा इसके बाद ग्राम प्रधानों, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण तय होगा।

कितनी ग्राम पंचायतें हैं, क्यों होगी पंचायत चुनाव में देरी

  • उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों में 75 जिला पंचायत, जिला पंचायतों के तीन हजार 51 सदस्य, 826 क्षेत्र पंचायत और क्षेत्र पंचायत के 75 हजार 855 सदस्य और 57 हजार 695 ग्राम पंचायतें हैं।
     
  • जिला पंचायतों के तीन हजार 51 सदस्यों, क्षेत्र पंचायतों के 75 हजार 855 सदस्य (बीडीसी) और 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों का चुनाव होना है।
     
  • पंचायतों का कार्यकाल 27 मई 2021 से शुरू हुआ था, यह 26 मई 2026 तक वैध है। ऐसे में इस साल पंचायत चुनाव शायद ही हो पाएं।
     
  • जब तक ओबीसी आरक्षण की तस्वीर साफ होगी तब तक प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी होंगी, जो अगले साल के शुरू में ही होने हैं।
     
  • पंचायत चुनाव को कराने वाले कर्मचारी इन दिनों जनगणना के काम में लगे हुए हैं।

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