कर्नाटक: MLC चुनाव में कांग्रेस-JDS के उम्मीदवार में ऐसे फंसा है पेच, CM शिवकुमार की देख-रेख में MLA's को रिसॉर्ट में कराई गई वोटिंग की 'नेट प्रैक्टिस'

 Edited by : Pratik Sahu

Karnataka MLC Polls- India TV Hindi

कर्नाटक में हुई मॉक पोलिंग में सीएम डीके शिवकुमार ने भी हिस्सा लिया।


Karnataka MLC Polls: कर्नाटक में एमएलसी चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों से रिसॉर्ट में मॉक पोलिंग करवाई है। जानिए कर्नाटक में MLC की 7वीं सीट को लेकर कांग्रेस और JDS में कैसे पेच पंसा हुआ है।


Karnataka Legislative Council Election: कर्नाटक में विधान परिषद की 7 खाली सीटों के लिए आगामी गुरुवार को होने वाले चुनाव से पहले आज (बुधवार को) रिसॉर्ट में ठहरे हुए सभी 135 कांग्रेस विधायकों से मॉक वोटिंग कराई गई और विधान परिषद की चुनावी प्रक्रिया को समझाया गया। इस मॉक पोलिंग में मुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने भी हिस्सा लिया। दरअसल, कांग्रेस के 40 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं इसीलिए उन्हें खासतौर पर प्रेफरेंशियल वोटिंग की जानकारी दी गई है। बाकी विधायकों से भी प्रैक्टिस कराई गई।

7 सीटों के लिए 8 उम्मीदवारों के उतरने से बिगड़ा खेल

बता दें कि विधान परिषद की 7 सीटों के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसीलिए यह चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस के 4 और BJP के 2 उम्मीदवार आसानी से जीत हांसिल करने की स्थिति में हैं। असली मुकाबला कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक और JDS के तीसरे उम्मीदवार गोविंदराजू के बीच में है।

जीत के लिए 1 उम्मीदवार को चाहिए 28 विधायकों का सपोर्ट

कर्नाटक में एक विधान परिषद सदस्य चुनने के लिए 28 विधायकों का सपोर्ट चाहिए। कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार की जीत का पलड़ा भारी है क्योंकि दोनों ही उम्मीदवारों को फर्स्ट प्रेफरेंस में 28 वोट न मिलने की स्थिति में सेकंड प्रेफरेंस वोट्स की मदद से कांग्रेस प्रत्याशी की जीत संभव है।

क्रॉस वोटिंग के डर से रिसॉर्ट में रोके गए कांग्रेस विधायक

कांग्रेस को डर है कि कहीं JDS नेता कुमारस्वामी अपने उम्मीदवार के पक्ष में कांग्रेस विधायकों से वोट ना डलवा लें, इसीलिए सभी विधायकों को रिसॉर्ट में रखने का फैसला किया गया है। बीते गुरुवार को सुबह सभी विधायक, रिसॉर्ट से निकलकर बस में बैठेंगे और सीधे विधानसभा आकर मतदान में हिस्सा लेंगे।

जरा सी टेक्निकल गलती रणनीति को पहुंचा सकती है नुकसान

साथ ही, कर्नाटक में कांग्रेस लीडरशिप अपने विधायकों को समझा रही है कि प्रेफरेंशियल वोटिंग में एक छोटी सी टेक्निकल गलती भी पार्टी की स्ट्रैटेजी को नुकसान कर सकती है। कांग्रेस को विश्वास है कि उसके पास अपने 5वें उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन वह किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग या वोटों के अमान्य होने का रिस्क नहीं लेना चाहती।

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