NEET परीक्षा से पहले अस्थायी प्रतिबंध के फैसले के खिलाफ Telegram पहुंचा हाईकोर्ट, तुरंत सुनवाई की अपील मंजूर
Edited by : Pratik Sahu

NEET परीक्षा से पहले एप पर सरकार के अस्थायी प्रतिबंध के फैसले के खिलाफ Telegram ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने भी तुरंत सुनवाई की अपील को स्वीकार कर लिया है।
NTA के दावे
एनटीए ने दावा किया कि इस फीचर का दुरुपयोग करके 'पेपर लीक' के सबूत तैयार किए गए थे, जिसमें परीक्षा होने के बाद संदेशों को संपादित करके और प्रश्न पत्रों को डालकर, टाइमस्टैम्प को बरकरार रखा गया था। एनटीए ने कहा कि दोनों उपायों की सिफारिश उन गिरोहों से निपटने के लिए की गई थी जो प्रश्न लीक करते हैं और परीक्षा पास करने के इच्छुक मेडिकल छात्रों को लाखों रुपये में पहले से हल किए गए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते हैं। परीक्षा संबंधी प्रश्नपत्रों के लीक होने के बाद संस्था ने कहा कि ये प्रतिबंध संगठित नकल रैकेटों और परीक्षा से संबंधित फर्जी संदेशों के प्रसार से निपटने के लिए हैं। गूगल और एप्पल ने इसे अपने मोबाइल एप्लिकेशन स्टोर से हटा दिया है।
Telegram के CEO की प्रतिक्रिया
Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए तर्क दिया है कि 'यह मूल समस्या का समाधान किए बिना लाखों आम यूजर्स को प्रभावित करता है। इससे 15 करोड़ से ज्यादा सामान्य भारतीय यूजर्स को सजा मिल रही है।' वहीं, कई छात्र संगठन और अभिभावक सुरक्षा उपायों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि VPN के जरिए बायपास संभव होने से असर सीमित रहेगा।