ऐसे ही नहीं हो गई Peace Deal, जानिए ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं कौन सी वों 14 शर्तें, जिन्हें मानने को मजबूर हुए ट्रंप

 Edited by : Pratik Sahu

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप


Iran US Peace Deal: ईरान ने अमेरिका के सामने कुल 14 शर्तें रखी हैं। यदि ये शर्तें नहीं मानी गईं तो एक बार फिर ये डील रद्द हो सकती है और दोनों देशों के बीच तनाव देखा जा सकता है।


US- Iran Peace Deal: 108 दिन के खून खराबे के बाद ईरान और अमेरिका पर्मानेंट युद्धविराम के लिए राजी हो गए हैं। दुनिया पर लगी तेलबंदी हटाने का समय हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म हो गया है। 19 जून (शुक्रवार) स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में दोनों देश पीस डील साइन करेंगे।

तेल पर लगी पाबंदियां हटें और नाकेबंदी की जाए खत्म

इस बीच ईरानी मीडिया ने अमेरिका के साथ डील में 14 शर्तों के बारे में खबरें प्रसारित की हैं। ईरानी मीडिया की खबरों के अनुसार, 14 शर्तों में अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक कि 12 अरब डॉलर जारी नहीं हो जाते, तेल पर लगी पाबंदियां हट नहीं जातीं और नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती। 

ये हैं ईरान की वों 14 शर्तें

  1. ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उनसे जुड़े एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां हटा ली जाएंगी
  2. ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस फिर से मिल जाएगा
  3. 60 दिनों की बातचीत की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज़ किए गए 24 अरब डॉलर जारी कर दिए जाएंगे। इनमें से 12 अरब डॉलर तो बातचीत शुरू होने से पहले ही जारी कर दिए जाएंगे
  4. अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करनी होंगी
  5. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और हमेशा के लिए बंद हो जाएगा
  6. अमेरिका ईरान के मामलों में दखल न देने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा
  7. अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिनों के भीतर पूरी तरह हटा ली जाएगी
  8. अमेरिकी सेनाएं ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगी
  9. होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के भीतर फिर से खोल दिया जाएगा
  10. परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की शुरू होगी
  11. ईरान परमाणु हथियार न बनाने के अपने NPT के वादे को फिर से दोहराएगा
  12. अमेरिका बातचीत के दौरान क्षेत्र में सेना न बढ़ाने और नई पाबंदियां न लगाने पर सहमत होगा
  13. एक निगरानी तंत्र इस पर नज़र रखेगा और किसी भी अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी
  14. ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और रेसिस्टेंस ग्रुप को समर्थन देने के मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी।

क्या इस डील से नेतन्याहू हैं खुश?

सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस डील से इजरायली पीएम नेतन्याहू खुश हैं। क्योंकि ईरान की जो शर्त है, उसमें सबसे पहले नंबर पर लेबनान है। 24 घंटे पहले इजरायल ने बेरूत में एक बार फिर बमबारी कर दी है। ऐसे में क्या ट्रंप नेतन्याहू को मना पाएंगे। क्या लेबनान से इजरायली फौज पीछे हटेगी। 

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