PM मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड, उनपर क्यों है जनता को इतना भरोसा? प्रधान सचिव रहे नृपेंद्र मिश्रा ने बताया उनकी कामयाबी का राज

 Edited by : Pratik Sahu 


PM Modi की आखिर वह कौन सी खासियत है, जिसने उनपर लोगों का भरोसा लगातार बनाए रखा है। इस प्रश्न का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी अधिकारियों में से एक रहे पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने दिया। पढ़ें एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।


Nripendra Mishra Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे कार्यकाल का जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लेकिन वो कौन सी खास बात है जिसने PM Modi को लगातार जनता के विश्वास के केंद्र में बनाए रखा है। प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी USP क्या है, प्रधानमंत्री मोदी कैसे फैसले लेते हैं और संकट के समय उनका रवैया कैसा होता है। करीब साढ़े पांच साल तक पीएम मोदी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे और उनके सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक नृपेंद्र मिश्रा ने इंडिया टीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में इन सभी सवालों के जवाब दिए।

PM मोदी की खासियत है राष्ट्र के प्रति समर्पण

नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, PM Modi की सबसे बड़ी ताकत उनकी दो खासियत हैं- राष्ट्र के प्रति समर्पण और असाधारण संवाद क्षमता। प्रधानमंत्री मोदी के लिए देश सर्वोपरि है और उनकी यही भावना उनके हर फैसले में नजर आती है। इसके अलावा, वे अपनी बात को आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता भी रखते हैं, जिससे जनता का उन पर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

नृपेंद्र मिश्रा ने किया PM मोदी से पहली मुलाकात का जिक्र

इस दौरान, नृपेंद्र मिश्रा ने 20 मई, 2014 को गुजरात भवन में नरेंद्र मोदी से हुई अपनी पहली मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री बनने से पहले ही नरेंद्र मोदी की स्वच्छता अभियान, भ्रष्टाचार पर रोकथाम और टेक्नोलॉजी बेस्ड गवर्नेंस को लेकर दृष्टि स्पष्ट थी। उन्होंने उस वक्त ही सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक की बढ़ती ताकत का जिक्र किया था। नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, यह उनकी दूरदर्शिता का उदाहरण था।

PM मोदी में है अधिकारियों को परखने की अनोखी क्षमता

नृपेंद्र मिश्रा ने ये भी बताया कि PM मोदी अधिकारियों को परखने की अनोखी क्षमता रखते हैं। उनके शब्दों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह समझ जाते हैं कि किसी अफसर के भीतर 'आग जल रही है या सिर्फ धुआं है।' यानी कौन अधिकारी किसी टारगेट हासिल करने की क्षमता रखता है और कौन सिर्फ व्यवस्था चलाने तक सीमित है। यही वजह है कि वे अधिकारियों को उनकी क्षमता के मुताबिक जिम्मेदारियां देते हैं।

संकट के समय में भी शांत और स्पष्ट रहते हैं PM मोदी

बड़े और संवेदनशील निर्णयों पर भी PM मोदी की कार्यशैली अलग ही नजर आती है। नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे निर्णयों का जिक्र करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मुश्किल हालातों में भी काफी शांत और स्पष्ट रहते हैं। उनके मुताबिक, किसी भी संकट के वक्त पीएम मोदी घबराते नहीं, बल्कि पूरी जानकारी लेकर तेजी के साथ फैसले लेते हैं।

जनता के बीच उनकी पॉपुलैरिटी का आधार क्या है?

नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अनुशासन पसंद है, लेकिन उन्होंने कभी पीएम मोदी को गुस्से में फाइल फेंकते या अफसरों पर चिल्लाते हुए नहीं देखा। वे साफ निर्देश देते हैं और नतीजों पर नजर बनाए रखते हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखने का दृष्टिकोण, संयम और दूरदृष्टि ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरे नेताओं से अलग बनाती है और जनता के बीच उनकी पॉपुलैरिटी का आधार भी यही है।



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