महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी परीक्षा पास करना अनिवार्य; फेल होने पर 16 अगस्त से रद्द होगा लाइसेंस
Edited by : Pratik Sahu

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राज्य के गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे 15 अगस्त तक 'कार्यात्मक मराठी भाषा परीक्षा' पास करने में विफल रहते हैं, तो 16 अगस्त से उनके लाइसेंस कैसिल कर दिए जाएंगे।
15 अगस्त तक की समय-सीमा
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की समय सीमा 15 अगस्त निर्धारित की थी। विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि लगभग 450 शिक्षकों को चालकों को कार्यात्मक मराठी सिखाने के लिए नियुक्त किया गया है और सरकार ने उन्हें भाषा सीखने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया है।
आरटीओ को लाइसेंस रद्द करने का पूरा अधिकार
मोटर वाहन नियमों का हवाला देते हुए परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4, 22 और 85 के तहत चालकों को कार्यात्मक मराठी सीखने के लिए समय दिया गया था। इस अवधि के बीत जाने के बाद बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई वाहन चालक इस निर्धारित मराठी परीक्षा में असफल साबित होता है, तो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को उस चालक का लाइसेंस रद्द करने का पूरा अधिकार दे दिया गया है।
दोपहिया टैक्सी सेवा एक अगस्त से शुरू होगी
परिवहन मंत्री ने कहा कि उल्लंघनों के लिए पहले 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन संशोधित प्रावधानों के तहत अब मराठी भाषा परीक्षा में असफल होने वालों का लाइसेंस रद्द करने की अनुमति दी गई है। बाइक टैक्सी संचालकों के लिए अधिवास प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के सवाल का जवाब देते हुए सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में दोपहिया टैक्सी सेवा आधिकारिक रूप से एक अगस्त से शुरू होगी।
बाइक टैक्सी सेवा में चालकों के लिए क्या है खास?
इस नई सेवा के साथ ही चालकों के सामाजिक कल्याण का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक बाइक टैक्सी पर प्रतिदिन 5 रुपये का कल्याण उपकर (Welfare Cess) और प्रत्येक किराये पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा। इस राशि का उपयोग विशेष रूप से बाइक टैक्सी संचालकों के कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। अंत में मंत्री ने यह भी दोहराया कि महाराष्ट्र सरकार पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का स्वागत करती है और राज्यभर में इनके व्यापक उपयोग को लगातार बढ़ावा देती रहेगी।