'भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से उबरा, लेकिन कुछ लोग फैला रहे थे अफवाह', जोधपुर में बोले PM मोदी

 Edited by : Pratik Sahu

pm modi jodhpur speech- India TV Hindi
PM मोदी ने ऊर्जा संकट के वक्त सरकार की तरफ से किए गए प्रसासों को गिनाया।


PM मोदी ने ऊर्जा संकट के समय की बात याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह, देशवासियों ने अफवाह, डर और भ्रम फैलाने वालों का सामना किया, देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (शनिवार को) राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजस्थान को कई नए प्रोजेक्ट्स की सौगात दी। पीएम मोदी ने कहा कि नए टर्मिनल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ, इससे पूरे राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक मौकों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने कैसे 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट के समय में खुद को संभाला और उससे बाहर निकलने में सफलता हासिल की।

मजबूत इच्छाशक्ति से भारत ऊर्जा संकट से उबरा

PM मोदी ने कहा, 'पश्चिम एशिया की जंग ने 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया। 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और कोशिशों ने इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर काबू पा लिया। भारत ने हर लेवल पर सही निर्णय लिए, वक्त रहते संकट का सही आकलन किया और एक असरदार स्ट्रैटेजी बनाई। भारत ने अपने संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया, अपनी कूटनीतिक ताकत का सकारात्मक रूप से इस्तेमाल किया और तभी भारत इस संकट से उबर गया।'

मुश्किल हालातों में अफवाहें फैलाने वालों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी बोले कि यह सब तब हुआ जब कुछ ताकतें सार्वजनिक तौर पर अफवाहें और डर फैलाने में लगी थीं, तब जो काम हुआ, जिस प्रकार से हालात संभाले गए, जो कड़ी मेहनत, कोशिश, धैर्य और नीतिगत व कूटनीतिक लेवल पर उठाए गए, वह हर कदम संवेदनशील था। वे सब इतिहास में दर्ज हो गए। यह सब अभूतपूर्व था।

सरकार ने उठाई 75 हजार करोड़ रुपये के घाटे की जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि बहुत अफवाहें फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वो सफल नहीं हो पाए। दूर-सुदूर इलाकों में भी छोटी-मोटी अड़चनों के अलावा ईंधन सप्लाई में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई। अप्रैल से जून के बीच ही अकेले डीजल-पेट्रोल में 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा कंपनियों को सहना पड़ा। और इस घाटे को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकारी खजाने से उठाई गई। हमने प्रति लीटर 10 रुपये की Excise Duty भी कम की और बहुत ज्यादा बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया।

संकट के समय भारत ने 40 से ज्यादा देशों से आयात किया ईंधन

प्रधानमंत्री मोदी बोले कि युद्ध के इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई। जब ये संकट शुरू हुआ था, उससे पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिख गया। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए। युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। नागरिक देवो भवः हमारा मंत्र है।

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