एक ही शख्स ने अलग-अलग जन्मतिथि पर बनवा डाले 3 पासपोर्ट, ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

 Edited by : Pratik Sahu

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
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पीलीभीत में एक शख्स ने अलग-अलग जन्मतिथि और पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए। मामले का खुलासा होने पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।


  • बरेली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
  • अलग-अलग जन्मतिथि और विवरणों से दो अन्य पासपोर्ट बनवाए थे।
  • पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया, तो खुलासा हुआ।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स पर अलग-अलग जन्मतिथि और पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल कर तीन अलग-अलग पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसकी चालाकी पकड़ी गई।

आरोपी की पहचान पीलीभीत जिले के जमुनिया जगत गांव के रहने वाले सिमर प्रीत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जब सिमर प्रीत ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया, तो बरेली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि इसी आवेदक ने पहले भी अलग-अलग जन्मतिथि और विवरणों का इस्तेमाल कर दो अन्य पासपोर्ट बनवाए थे।

तीनों पासपोर्ट में अलग-अलग थी जन्मतिथि

  • पहला पासपोर्ट साल 2016 में बरेली पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ, जिसमें जन्मतिथि 10 मार्च 1999 दर्ज थी।
  • दूसरा पासपोर्ट साल 2023 में लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से जारी हुआ, जिसमें जन्मतिथि 29 मई 2001 दिखाई गई।
  • तीसरा पासपोर्ट 15 दिसंबर 2023 को जारी किया गया, जिसमें जन्मतिथि बदलकर 19 नवंबर 2002 कर दी गई थी।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पासपोर्ट ने पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर इस संदिग्ध गड़बड़ी की जानकारी दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से शिकायत मिलने के बाद, पीलीभीत की घुंघचाई थाना पुलिस ने शनिवार को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

सर्किल ऑफिसर विधि भूषण मौर्य ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि अलग-अलग विवरणों पर ये पासपोर्ट कैसे जारी हुए और इस प्रक्रिया में किन-किन नियमों का उल्लंघन किया गया है।

एक से अधिक पासपोर्ट रखना गैरकानूनी

बता दें कि भारतीय पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के अनुसार भारत में एक नागरिक के पास एक समय पर केवल एक ही वैध पासपोर्ट हो सकता है और जानबूझकर पहचान छुपाकर या गलत दस्तावेज देकर एक से अधिक पासपोर्ट हासिल करना धारा 12 के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। नियमों के मुताबिक, पुराना पासपोर्ट गुम होने, खराब होने या एक्सपायर होने पर ही नया पासपोर्ट री-इश्यू किया जा सकता है, जिसके लिए पुराने पासपोर्ट की जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जन्मतिथि या अन्य विवरण बदलना भी चाहता है, तो उसे कानूनी दस्तावेजों के साथ पुराने पासपोर्ट को सरेंडर कर री-इश्यू के लिए आवेदन करना होता है। ऐसा न कर अलग-अलग विवरणों पर गुपचुप तरीके से कई पासपोर्ट रखना जालसाजी के दायरे में आता है, जिसके लिए 2 साल तक की जेल, जुर्माना और पासपोर्ट जब्त होने की सजा का प्रावधान है।

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