ईरान से युद्ध के बीच ट्रंप को अपने ही देश में झटका! अमेरिकी सीनेट में नहीं पास हो पाया 96 लाख करोड़ रुपये का डिफेंस बिल

 Edited by : Pratik Sahu

US Senate defense bill- India TV Hindi
अमेरिका में सालाना डिफेंस बिल पास नहीं हो पाया है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अपने ही देश में झटका लगा है। दरअसल, ट्रंप की सरकार की तरफ से लाया गया सालाना डिफेंस बिल सीनेट में डेमोक्रेट्स ने पास नहीं होने दिया।


ईरान से जारी अमेरिका के युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही देश में झटका लगा है। दरअसल, US सीनेट में ट्रंप सरकार की तरफ से लाया गया 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 96 लाख करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा का डिफेंस बिल रोक दिया गया है। डेमोक्रेट्स ने यह कदम ईरान के साथ युद्ध के विरोध में उठाया है।

डेमोक्रेट्स ने नहीं पारित होने दिया सालाना डिफेंस बिल

सीनेट में डेमोक्रेट्स ने National Defense Authorization Act नाम के सालाना डिफेंस बिल को नहीं पारित होने दिया। डेमोक्रेट्स ने बताया कि वे डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ जंग के विरोध में दोनों पार्टियों के समर्थन वाले इस पैकेज को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे, जिसमें सेना के जवानों की सैलरी बढ़ाने सहित पेंटागन का खर्च काफी हद तक बढ़ाने का प्रावधान था।

50-46 की वोटिंग के साथ सीनेट में गिरा बिल

बता दें कि अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने इसकी खिलाफत की। उनके साथ अन्य प्रमुख डेमोक्रेट्स ने भी कहा कि वे नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट के नाम से जाने जाने वाले इस अनुअल डिफेंस बिल का सपोर्ट नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान से जंग 5वें महीने में भी जारी है। सीनेट में वोटिंग का नतीजा 50-46 रहा और पार्टी लाइन के आधार पर नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट का बिल जरूरी बहुमत नहीं हासिल कर पाया।

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अमेरिकी लोगों को जंग में और नहीं धकेल सकते

चक शूमर बोले, "डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी लोगों को ऐसी जंग में और गहराई तक नहीं धकेल सकते जिसे वे समझा नहीं पा रहे और ट्रंप जिसे खत्म करने का तरीका नहीं जानते। और ऐसे में फिर वह कांग्रेस से उम्मीद करते हैं कि वह इस तरफ ध्यान ना दे।"


मिड-टर्म इलेक्शन से पहले हलचल

अमेरिकी सीनेट में यह वोटिंग व्हाइट हाउस की तरफ से कांग्रेस को औपचारिक तौर पर यह बताने के एक दिन बाद हुई कि उसने ईरान के खिलाफ बमबारी एक बार फिर शुरू कर दी है। इससे अमेरिका-ईरान में सीजफायर खत्म हो गया। ओवल ऑफिस में गुप्त ब्रीफिंग के बाद ट्रंप ने ईरान से सीजफायर पर फैसला पलट दिया था। युद्ध शुरू होने की वजह से इकोनॉमिक उथल-पुथल मची है और मिड-टर्म इलेक्शन से पहले गैस के दाम में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं पैदा हुईं।

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