मानसून सत्र से पहले सांसदों के लिए सख्त एडवाइजरी, संसद भवन में धरना-प्रदर्शन और तख्तियां लहराने पर रोक
Edited by : Pratik Sahu

मानसून सत्र को लेकर लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को लेकर खास एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि संसद भवन परिसर का उपयोग किसी भी प्रदर्शन धरना, हड़ताल या अनशन के लिए न करें।
13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा सचिवालय ने अलग-अलग संसदीय बुलेटिन में यह भी कहा है कि उसके संज्ञान में आया है कि पोस्टर, तख्तियों और बैनरों पर एआई से तैयार किए गए चित्र, तस्वीरें और आपत्तिजनक प्रकृति के नारे प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सचिवालय ने सदस्यों से सत्र के दौरान संसद परिसर में इस तरह की गतिविधियों से बचने की अपील की है।
सांसदों को आने-जाने में होती है समस्या
सचिवालय ने एक बुलेटिन में कहा, 'सदस्यों से अनुरोध है कि वे संसद भवन के प्रवेश द्वारों के सामने विरोध-प्रदर्शन या धरना आयोजित न करें, क्योंकि इससे सदनों की बैठक के दौरान सांसदों के संसद कक्षों तक आने-जाने में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है। इस संबंध में सदस्यों का ध्यान लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 124ए(2) की ओर आकर्षित किया जाता है। संसद भवन के प्रवेश द्वारों को बैरियर फ्री रखना सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। माननीय सदस्यों से सहयोग का अनुरोध है।'
हड़ताल और प्रदर्शन पर मनाही
सचिवालय ने सांसदों से यह भी अपील की है कि वे संसद भवन परिसर का उपयोग किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरने, हड़ताल, अनशन या किसी धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन के लिए न करें। सचिवालय की ओर से जारी एक अन्य बुलेटिन में कहा गया है कि संसद भवन परिसर के भीतर के क्षेत्र और मार्ग सांसदों के लिए बिना किसी अवरोध के खुले रहें, यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिसर में कई गतिविधियों पर रोक है।
ये चीजें लाना है मना
इनमें किसी तरह के शस्त्र, बैनर, तख्तियां, लाठियां, भाले, तलवारें, डंडे आदि लेकर आना शामिल है। विपक्षी दलों के प्रदर्शन, नारेबाजी और विभिन्न मुद्दों पर तख्तियां दिखाने के कारण अतीत में संसद की कार्यवाही कई बार लंबे समय तक बाधित रही है। इसके चलते कई सत्रों में सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और कई दिनों तक कोई खास कामकाज नहीं हो सका। (इनपुट- भाषा)