CM सामूहिक विवाह योजना में बड़ा खेल, दूल्हा नहीं पहुंचा तो पड़ोसी को मंडप में बैठाया, खुली पोल तो मचा बवाल
Edited by : Pratik Sahu

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब तय दूल्हे के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर युवती के परिजनों ने गांव के एक पड़ोसी युवक को मंडप में बैठा दिया।
आधे दहेज के लालच में मंडप में बैठा पड़ोसी
रविवार को सिराथू के सयारा मैदान में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। आरोप है कि जब पंजीकृत दूल्हा कार्यक्रम में नहीं पहुंचा तो परिजनों ने गांव के ही पड़ोसी युवक शनि वाल्मीकि को आधे दहेज का लालच देकर मंडप में बैठा दिया। हालांकि, यह कोशिश ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकी। युवक के पिता और अन्य परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और युवक की पिटाई कर दी गई। देखते ही देखते समारोह स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक, युवती तथा दोनों पक्षों के परिजनों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। जांच के दौरान पता चला कि दस्तावेजों के सत्यापन और फिंगरप्रिंट मिलान के समय युवक का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड मेल नहीं खाया था। इसी वजह से उसे पहले ही विवाह प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था। इसके बावजूद वह दोबारा मंडप तक कैसे पहुंच गया, अब यही जांच का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।
दूल्हे का फिंगरप्रिंट मेल नहीं खाने से खुली पोल
मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने बताया कि नगमा बानो ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण कराया था। सत्यापन के दौरान दूल्हे का फिंगरप्रिंट मेल नहीं खाने पर उसे प्रक्रिया से हटा दिया गया था। इसके बावजूद उसके दोबारा मंडप तक पहुंचने की घटना की जांच कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि संबंधित विवाह का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि रविवार को सिराथू के सयारा मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 230 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिनमें दो मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे।