ED द्वारा बैंक खाते फ्रीज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, 3 अगस्त को होगी सुनवाई
Edited by : Pratik Sahu

ईडी के द्वारा टीएमसी के बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने के मामले में अब टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। इस मामले में तीन अगस्त को सुनवाई होगी। टीएमसी ने बिना सबूत के खाते फ्रीज करने का आरोप लगाया है।
मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ED का आरोप है कि TMC के एक बैंक खाते से करीब 133.84 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भेजे गए। एजेंसी का कहना है कि यह रकम धन के गलत इस्तेमाल और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है।
विधायक बिस्वनाथ दास की शिकायत पर एक्शन
यह मामला 18 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास की शिकायत के बाद शुरू हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की और 23 जून को ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की। इसके बाद 7 जुलाई को ED ने कुल छह बैंक खाते फ्रीज किए, जिनमें TMC के तीन HDFC बैंक खाते भी शामिल थे।
बिना सबूत के खाते फ्रीज करने का आरोप
TMC का कहना है कि ED ने बिना ठोस सबूत के मनमाने तरीके से खाते फ्रीज किए हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि 9 जुलाई को हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच ने रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में इन खातों के संचालन की अनुमति दी थी।
हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि इस चरण पर फंड ट्रांसफर की वैधता पर फैसला नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि पार्टी अपनी आपत्तियां PMLA के निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) और आगे की सुनवाई के दौरान उठा सकती है।
हाईकोर्ट ने कार्रवाई को बताया उचित
हाईकोर्ट ने यह भी माना था कि ED ने खातों की जांच के बाद यह मानने के पर्याप्त कारण दर्ज किए हैं कि बड़ी रकम अलग-अलग संस्थाओं को भेजी गई थी। इसलिए खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई पहली नजर में उचित दिखाई देती है।