'संसद चलो' प्रदर्शन में हुए बवाल का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, NIA से जांच कराने की मांग; कल होगी सुनवाई

 Edited by : Pratik Sahu

प्रोटेस्ट में हुए बवाल की जांच कराने की मांग- India TV Hindi
प्रोटेस्ट में हुए बवाल की जांच कराने की मांग


20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च की NIA जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।


दिल्ली हाई कोर्ट से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए गए प्रदर्शन और संसद मार्च की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील बरुण कुमार सिन्हा ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। याचिका में मांग की गई है कि प्रदर्शन और हिंसा से जुड़ी दिल्ली पुलिस की सभी संबंधित FIR को एक विशेष जांच एजेंसी को सौंप दिया जाए और उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता के वकील बरुण कुमार सिन्हा ने जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा, "यह मामला तथाकथित छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जिसने पूरी दिल्ली को बंधक बना रखा है। सड़कें बंद हैं और आम नागरिक परेशान हैं, इसलिए इसकी कल ही सुनवाई होनी चाहिए।" अदालत ने दलीलों को सुनते हुए मामले को शुक्रवार, 24 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

याचिका में क्या दावे और मांगें की गई हैं?

यह जनहित याचिका (PIL) अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल द्वारा दायर की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि यह प्रदर्शन कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं था, बल्कि देश को अस्थिर करने के लिए रचा गया एक बड़ा षड्यंत्र था। आरोप है कि इसे राजनीतिक समर्थन और विदेशी फंडिंग हासिल थी।

20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक रास्ते रोके गए, सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, पत्रकारों पर हमले हुए और पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही, संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश की गई।

याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच NIA या किसी अन्य विशेषज्ञ एजेंसी से कराई जाए। साथ ही, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई सभी FIR को इस एजेंसी को सौंप दिया जाए, ताकि हिंसा और उपद्रव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। याचिका में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के कुछ विदेशी संगठनों से कथित संबंधों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

US: Another Afghan national arrested in Texas over TikTok 'bomb-making' video

यूपी में फिर चली 'तबादला एक्सप्रेस'! योगी सरकार ने किया 20 IAS अफसरों का ट्रांसफर

राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश और कर्नाटक से बीजेपी उम्मीदवारों का ऐलान, विधान परिषद के लिए भी दो नाम दिए