जितेंद्र सिंह ने बताया, गोली चलाने का आदेश कौन देता है? राहुल गांधी पर बोले- PM नहीं बन पाए तो पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए'

 Edited by : Pratik Sahu

jitendra singh rahul gandhi- India TV Hindi
जितेंद्र सिंह, राहुल गांधी।


विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। इस दौरान उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।


लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा हो रही है। आज चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखी। राहुल गांधी की शब्दावली को लेकर जबरदस्त बवाल हुआ। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर ही छात्रों पर गोली चलाई गई जिसके बाद लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया। इस चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सबसे पहले राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उनके पास सार्वजनिक जीवन के अनुभव की कमी है। राहुल गांधी पीएम नहीं बन पाए तो पीएम आवास के बाहर बैठे।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को क्या जवाब दिया?

उन्होंने राहुल गांधी की पूरी कहानी सुनाते हुए कहा, ''नेता प्रतिपक्ष ने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया वे असंसदीय हैं। माननीय सदस्य खुद को भी इडियट समझें तो वह नहीं कर सकते। उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है। यदि वे व्यक्ति विशेष के लिए ये शब्द नहीं बोल रहे तो क्या छात्रों के लिए ये शब्द थे। और यदि छात्रों को इडियट कहा जाए तो इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं है।''

'गोली चलाने का आदेश गृहमंत्री नहीं देते'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, जब राहुल जी कहते हैं कि गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री ने दिया और उसका प्रमाण भी नहीं दे पाए। गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं मजिस्ट्रेट, डीएम, एसडीएम देता है। राहुल को सार्वजनिक जीवन के अनुभव का भी अभाव है। गोली नहीं चली टियर गैस का इस्तेमाल हुआ। राहुल जी ने कहा कि अमित शाह के साथ 30 गाड़ियों का काफिला था। इन्हें ये नहीं पता कि गृह मंत्री के साथ 30 गाड़ियां नहीं चलतीं और शाह विदेश नहीं गए हैं। तथ्यों के बिना गैरजिम्मेदारी से सदन में ये बातें कहना और फिर निकल जाना ये किसी नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार हो ही नहीं सकता।

'सपना पूरा नहीं हुआ तो पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए'

21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। इनकी हसरत है कि देश इनको पीएम बनाए। लेकिन इनका सपना पूरा नहीं हुआ तो ये पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। जब इन्हें समझाया गया निवेदन किया कि आप यहां से हट जाइए। तो इन्होंने कहा कि मुझे उठा लिया गया। शुरू में ये प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए क्योंकि इन्हें लगा ये आम आदमी पार्टी का आंदोलन है। लेकिन बाद में इन्हें FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) हो गया।

क्या है पूरा विवाद?

बता दें कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने Idiot और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया। बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी पर असंसदीय भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को 11 से ज्यादा बार टोका और कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पीकर से कहा कि इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।

वहीं, बता दें कि लोकसभा में The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया है। 

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