मोबाइल टॉर्च की रोशनी में दौड़ाई सरकारी बस, VIDEO वायरल होने के बाद KKRTC के 3 कर्मचारी सस्पेंड
Edited by : Pratik Sahu

कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने मोबाइल टॉर्चलाइट से बस चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया। घटना 4 जुलाई की बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 4 जुलाई की बताई जा रही है। चिंचोली डिपो की एक सरकारी बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: KA-28 F-1985) कलबुर्गी-चिंचोली रूट पर चल रही थी। रात के सफर के दौरान बस की हेडलाइट्स खराब हो गई थी। इसके बाद ड्राइवर के केबिन के पास से मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर सामने की सड़क पर रोशनी की गई और इसी मामूली रोशनी के सहारे भारी-भरकम सरकारी बस को सड़क पर आगे बढ़ाया गया।
यात्रियों की सुरक्षा में बड़ी चूक
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। KKRTC के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए। परिवहन निगम ने इसे यात्रियों की जान को जोखिम में डालने वाली और सुरक्षा नियमों की बड़ी चूक करार दिया।
जांच के बाद इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
विस्तृत आंतरिक जांच के बाद, KKRTC अधिकारियों ने डिपो के टेक्निकल सुपरवाइजर और टेक्निकल स्टाफ को सस्पेंड कर दिया। उन पर गाड़ी का सही ढंग से रखरखाव न करने और उसके सड़क पर चलने लायक होने को सुनिश्चित न करने का आरोप था। इसके साथ ही, बस ड्राइवर को भी सस्पेंड कर दिया गया।
केआरटीसी के कलबुर्गी संभाग-एक के संभागीय नियंत्रक एस. जी. गंगाधर ने बताया कि 04 जुलाई को हुई घटना के सिलसिले में बस चालक समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में अधिकारियों ने चिंचोली इकाई का दौरा किया और जांच रिपोर्ट सौंपी। गंगाधर ने एक बयान में कहा, "इसके चलते ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण तकनीकी स्टाफ शिवानंद (जिन्होंने बस की ठीक से मरम्मत नहीं की), तकनीकी पर्यवेक्षक बसवराज (जिन्होंने इसकी देखरेख नहीं की) और चालक आकाश (जिन्होंने बिना मरम्मत के ही गाड़ी लापरवाही से चलाई) को निलंबित कर दिया गया है।"