कैमरे में कैद हुआ ग्लेशियर टूटने का वो खौफनाक मंजर, जिसने नेपाल में मचा दी तबाही; देखें VIDEO

 Edited by : Pratik Sahu

ग्लेशियर टूटने का वीडियो आया सामने।- India TV Hindi
ग्लेशियर टूटने का वीडियो आया सामने।


नेपाल में बीते दिनों आई तबाही से अबतक 669 लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उस ग्लेशियर टूटने की घटना रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है, जिससे यह हादसा हुआ।


चीन के शिजैंग ऑटोनॉमस रीजन के गिरोंग काउंटी में एक पर्यटक पहाड़ी इलाकों की वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसके कैमरे में उस ऊंचाई वाले ग्लेशियर के ढहने की घटना भी रिकॉर्ड हो गई, जिसकी वजह से नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित गिरोंग पोर्ट पर भयानक मडस्लाइड हुई थी। फुटेज की जांच कर रहे विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह वीडियो उस आपदा की शुरुआत के बारे में अहम सबूत दे सकता है, जो 26 अगस्त को आई थी। इस आपदा ने सीमा के दोनों ओर भारी तबाही मचाई थी। नेपाल में इस आपदा में कम से कम 669 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लापता 2,000 से ज़्यादा लोगों के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है।

ग्लेशियर ढहने का वीडियो आया सामने

चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज के तहत 'इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेन हजार्ड्स एंड एनवायरनमेंट' के डायरेक्टर कांग शिचांग ने कहा कि वीडियो में दिख रही जगह वही है, जिसे रिमोट-सेंसिंग तस्वीरों के जरिए आपदा के स्रोत के तौर पर पहचाना गया था। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, माना जा रहा है कि फुटेज में सीमा के नेपाली हिस्से में ग्लेशियर के ढहने का दृश्य है, जिसके कारण घटनाओं का एक ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जिससे ग्यिरोंग पोर्ट पर जबरदस्त मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) हुई।

कैसे नेपाल तक पहुंची आपदा

इस आपदा की शुरुआत तब हुई जब नेपाल के ऊंचे पहाड़ी इलाके में बर्फ और चट्टानों का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे भारी मात्रा में बर्फ, चट्टानें और मलबा पहाड़ी घाटियों में नीचे की ओर बहने लगा। बाद में यह मलबा एक शक्तिशाली बहाव में बदल गया जो चीन की ओर बढ़ा और जिजैंग (Xizang) में गिरोंग पोर्ट (Gyirong Port) इलाके को तबाह कर दिया।

चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लेशियर का यह हिस्सा लगभग 5,140 मीटर की ऊंचाई पर ढहा और इसने लगभग 6,20,000 वर्ग मीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। मलबे का यह बहाव लगभग 20 किलोमीटर तक आगे बढ़ा और लगभग सात मिनट में गिरोंग पोर्ट तक पहुंचने से पहले इसकी ऊंचाई में करीब 3,300 मीटर की गिरावट आई।

पहाड़ी घाटियों से गुजरते हुए मलबे के इस बहाव की गति और पैमाने ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय दिया। इस आपदा ने नेपाल-चीन सीमा के दोनों ओर भारी तबाही मचाई, जिससे गांव, सड़कें, पुल और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए। पहाड़ी इलाकों की मुश्किल परिस्थितियों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं, जबकि अधिकारी और अधिक बाढ़ आने की संभावना को लेकर चिंतित हैं।

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