एक साल पहले पिता, अब मां… मेवाड़ राजघराने पर टूटा दुखों का पहाड़, अंतिम यात्रा में भावुक हुए लक्ष्यराज सिंह
Edited by : Pratik Sahu

उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार में एक बार फिर शोक की लहर है। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता और राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मंगलवार को उदयपुर में 400 साल पुरानी छतरियों के बीच उनके अंतिम संस्कार की परंपरा निभाई गई।
भावुक हुए लक्ष्यराज सिंह, परिवार ने संभाला
मुखाग्नि के दौरान लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भावुक को गए, इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों ने उनको संभाला। मंगलवार को शहर में हल्की बारिश होने के बावजूद विजय राजकुमारी के अंतिम दर्शनों के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए।
मेवाड़ राजपरिवार को बड़ी क्षति
जगदीश चौक स्थित सिटी पैलेस से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। करीब 5 किलोमीटर की इस लंबी यात्रा में पूर्व राज परिवारों के सदस्यों के साथ-साथ शहर के कई नामचीन और आमजन शामिल हुए। उनके अंतिम दर्शनों के लिए पूरे मार्ग में दोनों तरफ लोग जमा हो गए और अंतिम यात्रा निकालने के दौरान अंतिम दर्शन किए। कुछ जगहों पर लोग भी भावुक नजर आए। अंतिम यात्रा में उन पर फूल बरसाए गए। शव यात्रा में विजय राजकुमारी के पुत्र डॉक्टर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनके पोते सहित राज परिवार की कई सदस्य चलते हुए दिखाई दिए।
मार्च 2025 को हुआ था अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन
बता दें कि विजय राजकुमारी पिछले लंबे समय से बीमार चल रही थी और उनके घर पर ही इलाज चल रहा था। इससे पहले पिछले साल मार्च में अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया था और वह भी लंबी बीमारी से परेशान थे। अब डॉक्टर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता का निधन हुआ है। उनके निधन से राजपरिवार और उनसे जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
कौन थीं विजयराज कुमारी?
विजयराज कुमारी मेवाड़ का जन्म 21 दिसंबर 1942 को हुआ था और उन्होंने 14 सितंबर 2026 को 83 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। वे कच्छ के महाराज फतह सिंह की छोटी बेटी थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऊटी के फ्रांसिस्कन कॉन्वेंट में हुई थी। महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ से विवाह के बाद वे उदयपुर आईं और मेवाड़ की परंपराओं तथा जिम्मेदारियों का हिस्सा बनीं। उनका उदयपुर से विशेष जुड़ाव रहा। विजयराज कुमारी ने 1980 के दशक में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के विकास में अहम भूमिका निभाई। स्कूल को व्यवस्थित करने और उसे आधुनिक शैक्षणिक स्वरूप प्रदान करने में उनका विशेष योगदान रहा है।
राजमाता की अंतिम यात्रा का वीडियो-

